पंजाब की महिला ने मूंगफली कटाई का काम दिलवाने के बहाने नाबालिग को 1.13 लाख रुपए में बेचा

चूरू।   ये दर्दनाक कहानी है पंजाब की एक 17 वर्षीया नाबालिग की। पंजाब की एक महिला इस नाबालिग को मूंगफली कटाई पर प्रतिदिन 300 रुपए में काम दिलवाने का कहकर लाई और श्रीडूंगरगढ़ हाल कीकासर निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति को 1.13 लाख रुपए में बेच दिया। खरीदार ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। नाबालिग किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकलकर श्रीडूंगरगढ़ थाने पहुंची, लेकिन वहां पर आरोपी ने पुलिस को उसकी बड़ी बहन का आधार कार्ड दिखाकर बालिग बताते हुए लिव इन रिलेशनशिप में रहने का हवाला देकर वापस अपने साथ ले आया। आरोपी नाबालिग को अपने साथ बाहर ले गया तो उसने पंजाब के ट्रक चालकों के जरिए अपनी बहन को फोन पर सारी बात बताई। चूरू की चाइल्ड हेल्प लाइन को किसी तरह सूचना पहुंचाई। चाइल्ड हेल्प लाइन ने चूरू एएसपी को सूचना दी और फिर सरदारशहर व भानीपुरा पुलिस की मदद से नाबालिग को दस्तयाब किया।मजदूरी के नाम पर पंजाब से लाकर कीकासर में बेची गई नाबालिग ने बताया कि वह अपने किसी परिचित के चलते आंटी के संपर्क में आई थी। वह उस महिला का नाम नहीं जानती लेकिन उसने कहा कि मूंगफली कटाई के बदले प्रतिदिन के 300 रुपए मिलेंगे। वह 6 दिसंबर को मजदूरी करने के लिए आंटी के साथ आ गई। आंटी ने सात दिसंबर को इंद्राजराज नाथ पुत्र डूंगरनाथ सिद्ध निवासी कीकासर से 1.13 लाख रुपए लेकर उसे सौंप दिया और खुद उसकी बहन को लेकर वहां से निकल गई। 7 दिसंबर की रात इंद्राज ने उसके साथ दुष्कर्म किया। 8 दिसंबर को वह मौका पाकर वहां से भाग गई तो किसी ने श्रीडूंगरगढ़ थाने में सूचना दी और उसे वहां पहुंचा दिया। श्रीडूंगरगढ़ थाने में आरोपी पहुंचा और पुलिस वालों को रुपए देकर उसको बालिग दिखा दिया। आरोपी ने पुलिस वालों को उसकी बहन का आधार कार्ड दिखाकर उसे बालिग बताया। उसे हिंदी नहीं आती इसलिए हिंदी में प्रार्थना पत्र लिखवाकर हस्ताक्षर करवा लिए गए।पुलिस वालों को बोलती रही कि नाबालिग हूं, लेकिन पुलिसवालों ने उसे आरोपी के साथ भेज दिया। आरोपी ने वहां से आने के बाद फिर दुष्कर्म किया। उसने छोड़ने की बात की तो आरोपी ने उसकी बहन को फोन कर कहा कि उसके 1.13 लाख रुपए दे दो तो वह इसे छोड़ देगा, वरना मार दूंगा। आरोपी 10 दिसंबर को उसे बाहर लेकर आया तो उसे पंजाब के कुछ ट्रक चालक दिखे, उनको सारी बात बताई और उनके जरिए बहन से बात की। इसके बाद चूरू चाइल्ड हेल्प लाइन को सूचना की गई। चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम उसे चूरू अपने कार्यालय में लेकर आई।-जैसा कि पीड़ित नाबालिग ने बताया।नाबालिग को खरीदकर बंधक बनाए जाने की सूचना पर चाइल्ड हेल्प लाइन, सरदारशहर व भानीपुरा पुलिस के 8 सदस्यों को नाबालिग को दस्तयाब करने में सात घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। जिला समन्वयक रुकैया पठान ने बताया कि सूचना की भनक मिलते ही आरोपी नाबालिग को लेकर निकल गया। टीम सूचना के आधार पर पुलिस के सहयोग से पीछे लगी रही। आखिरकार नाबालिग को भानीपुरा रोड पर एक होटल के सामने से दस्तयाब किया। नाबालिग को चूरू कार्यालय ले आई और मेडिकल करवाया। इसके बाद बाल कल्याण समिति में पेश किया गया, जहां से बालिका आश्रय गृह में भेजने के आदेश दिए गए। कार्रवाई में टीम के सदस्य किशन वर्मा, ज्योति बागड़ी, सरदारशहर एसएचओ बलराजसिंह मान, एएसआई मदनसिंह, भानीपुरा थाने के राजूसिंह, मनीष कुमार, विजयसिंह शामिल थे। 5 साल में बाल तस्करी व खरीद-फरोख्त के 15 मामले चाइल्ड हेल्प लाइन में बीते पांच साल में बाल तस्करी व खरीद-फरोख्त के 15 मामले आ चुके हैं। हालांकि अधिकतर मामलों में दस्तयाब की गई नाबालिग को उसके परिजनों तक पहुंचा दिया जाता है। पुलिस कुछ मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी के अलावा बाल तस्करी व खरीद-फरोख्त करने वालों के नेटवर्क को पुलिस अभी तक नहीं पकड़ पाई है।

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