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राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू, मार्च में हो सकते हैं चुनाव

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू, मार्च में हो सकते हैं चुनाव

खुलासा न्यूज़। राजस्थान में राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है। संभावना जताई जा रही है कि मार्च महीने में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव कराए जाएंगे। इसे लेकर आयोग ने वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्यक्रम जारी कर दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिला कलेक्टरों को वोटर लिस्ट अपडेट करने और नए पोलिंग बूथ बनाने से जुड़ी गाइडलाइन भेज दी है। गाइडलाइन में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए 15 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव कराने की समय-सीमा तय की गई है। आयोग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट अपडेट करने का कार्य तुरंत शुरू किया जाए।

1 जनवरी 2026 को 18 साल पूरे करने वाले भी बनेंगे वोटर

आयोग ने निर्देश दिए हैं कि 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को भी पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में शामिल किया जाए। वोटर लिस्ट के अपग्रेडेशन के दौरान दावे-आपत्तियों की अवधि में ऐसे युवाओं की पहचान कर उनके नाम जोड़े जाएंगे।

तीन स्तर पर तैयार होगी वोटर लिस्ट

पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट तीन स्तर पर तैयार की जाएगी।

  • ग्राम पंचायत की वार्डवार वोटर लिस्ट
  • पंचायत समिति की वार्डवार वोटर लिस्ट
  • जिला परिषद की वार्डवार वोटर लिस्ट

विधानसभा स्तर पर तैयार वोटर लिस्ट के डाटा को राज्य निर्वाचन आयोग स्टेट लेवल एजेंसी के सॉफ्टवेयर के माध्यम से ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के अनुसार अलग-अलग कर अपडेट किया जाएगा।

2 जनवरी को अधिकारियों की ट्रेनिंग

विधानसभा वार वोटर लिस्ट का डेटाबेस लेकर पंचायत चुनाव के लिए तैयार करने को लेकर 2 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकारियों की ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी।

एक बूथ पर अधिकतम 1100 वोटर

राज्य निर्वाचन आयोग ने वार्ड गठन के दौरान चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है। नियमों के अनुसार एक पोलिंग बूथ पर 1100 से अधिक वोटर नहीं होंगे। पंचायत के एक वार्ड में औसतन 300 से 400 वोटर होते हैं, इसलिए एक बूथ पर एक से अधिक वार्ड के मतदाता मतदान करेंगे।

24 जनवरी तक होगा भौतिक सत्यापन

वार्ड के आधार पर तैयार की गई वोटर लिस्ट का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए प्रगणकों की नियुक्ति की गई है। सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वोटर लिस्ट वार्ड परिसीमन के अनुसार हो। यह प्रक्रिया 24 जनवरी तक पूरी करनी होगी। यदि सत्यापन के दौरान किसी मतदाता का नाम गलत वार्ड में पाया जाता है तो उसे सही किया जाएगा। साथ ही नए वोटर जोड़ने के लिए आवेदन भी लिए जाएंगे और लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जाएगा।

ट्रांसजेंडर के लिए थर्ड जेंडर का विकल्प

किन्नर (ट्रांसजेंडर) और सेक्स चेंज करवाने वाले मतदाता यदि स्वयं को स्त्री या पुरुष के रूप में दर्ज नहीं कराना चाहते हैं तो वे अपना लिंग “थर्ड जेंडर” के रूप में दर्ज करवा सकते हैं। प्रदेश में 14 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि जिन पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है, उनके चुनाव बाद में कराए जाएंगे।

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