तुलसाराम की आरपीएस पत्नी से पूछताछ की तैयारी - Khulasa Online

तुलसाराम की आरपीएस पत्नी से पूछताछ की तैयारी

बीकानेर। रीट परीक्षा में नकल कराने वाले पकड़ गये गिरोह पर अब एसओजी की भी नजर है। बीकानेर में पकड़े गए मामले को भी एसओजी ने जांच के दायरे में लिया है। गिरोह का सरगना चार दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। जांच की आंच उसकी आरपीएस पत्नी पर भी आ सकती है। चाणक्य कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक तुलसाराम ने किसी से छह तो किसी से सात लाख में नकल कराने का सौदा किया था। ब्लूटूथ कनेक्टडेट डिवाइस लगी चप्पलें 30-30 हजार रुपए में 25 अभ्यर्थियों को बेची थी। एसओजी ने उससे संबंध रखने वाले सभी लोगों को जांच के दायरे में लिया है। तुलसाराम की आरपीएस पत्नी अजमेर में पोस्टेड है। जांच की आंच उस पर भी आ सकती है। एसओजी एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि नकल के संबंध में हर सूचना की तस्दीक की जा रही है। सभी मामलों पर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। नकल के रैकेट का बड़ा खुलासा सरगना के पकड़े जाने के बाद ही हो सकेगा। अभ्यर्थियों को बस में लेकर जाने वाले युवक को पकड़ा : गंगाशहर पुलिस ने तुलसाराम के एक और गुर्गे को गिरफ्तार किया है। गंगाशहर चौधरी कॉलोनी में रहने वाला राकेश जाट 25 सितंबर को बस में जयपुर रोड लेकर गया था। तुलसाराम भी उसके साथ में था। बस में ही तुलसाराम ने अभ्यर्थियों को नकल की ट्रेनिंग दी थी। पुलिस ने गुरुवार को उसे दबिश देकर पकड़ लिया। वहीं दूसरी ओर उसका भाई परीक्षा वाले दिन से ही फरार है। पुलिस का मानना है कि वह तुलसाराम के साथ हो सकता है। दोनों भाई उसके लिए काम करते थे। आरोपी मदनलाल से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। मदनलाल और उसका साथी त्रिलोक रिमांड पर चल रहे हैं। उधर, एसपी ने तुलसाराम की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। रीट परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सरगना तुलसाराम ने 25 अभ्यर्थियों से सौदेबाजी की थी। सभी मोबाइल तुलसाराम ने अपने पास ही है, लेकिन हैरत की बात ये है कि पुलिस के पास सभी 25 अभ्यर्थियों की लिस्ट तक नहीं है, जबकि उसके गिरोह का प्रमुख साथी मदनलाल और त्रिलोक पुलिस की गिरफ्त में है। गंगाशहर एसएचओ रानीदान का कहना है कि मदनलाल ने जितने नाम बताए उन्हें पकड़ा जा चुका है। बाकी अभ्यर्थियों की जानकारी तुलसाराम के पकड़े जाने के बाद ही मिल सकेगी। चार दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ रीट में नकल के मामले में चार दिन बाद भी पुलिस सरगना को नहीं पकड़ सकी। रीट की परीक्षा रविवार को हुई थी। पुलिस ने जिस वक्त नकल गिरोह को पकड़ा सरगना तुलसाराम वहीं पर था, लेकिन पुलिस उसे नहीं पहचान सकी। वह अपनी कार में बैठा था। पुलिस को देखते ही कार दौड़ा कर ले गया। पकडऩे के लिए उसके सभी रिश्तेदार और जानकारों के नंबर ट्रेस किए जा रहे हैं। तुलसाराम का मोबाइल बंद है। पुलिस का मानना है कि वह दूसरा मोबाइल ऑपरेट कर रहा है। बीकानेर के सभी टोल प्लाजा पर नजर रखी जा रही है। सबसे हैरानी की बात ये है कि शहर में अभय कमांड सेंटर के कैमरे लगे हैं, लेकिन तुलसाराम किसी भी कैमरे की जद में नहीं आया। पुलिस का मानना है कि वह बहुत ही शातिर दिमाग का है। क्योंकि खुद भी पुलिस में रह चुका है। वह शहर से बाहर ऐसे रास्तों से होकर निकला है, जहां ना सीसीटीवी कैमरे हैं ना ही टोल से गुजरना पड़ता है।
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