सुखद अहसास : पौधे लहरा रहे हैं, पर्यावरण प्रेमी डॉ. ज्याणी व पत्रकार इस्माईल ने जीत लिया सबका दिल

बीकानेर के खाजूवाला में पारिवारिक वानिकी अथार्त पेड़ को परिवार की तरह पालने का एक उदाहरण खुलासा न्यूज़, बीकानेर। पौधे को पेड़ बनाने का जीता जागता उदाहरण...खाजूवाला पुलिस थाना के पास ईदगाह में कुछ वर्ष पहले लगे पेड़ अब धुप की जगह सुखद छाया का करवाते है अहसास। ईदगाह परिसर चारों तरफ कोई के बाउंड्री नही और भीषण गर्मी में पानी की उन विकट परिस्थितियों में मेरे साथ मेरे साथी बड़े भाई हनीफ़ अली नागौरी का सहयोग, तब कांटे व हैंडपम्प से बाल्टियां भरकर पानी डालना, एक-दो बार पौधे लगाने के बाद दीमक से नष्ट हुए, मुश्किलें आयी तो मन विचलित हुआ, एक दूसरे को हौंसला बढ़ाया, अब यह पौधे बड़े होकर जैसे हमारा मान बढा रहे हो, लेकिन करवा रहे हैं सुखद अहसास।

यह सब संभव हुआ स्कूल के शिक्षा के अंतिम और कॉलेज की शिक्षा के प्रारंभ दिनों में रिपोर्टर इस्माईल खान ने प्रिंट मीडिया में पर्यावरण संबंधी ख़बर प्रकाशित की। खबर की हैड लाइन व स्टोरी देखकर, एक शख्स जो वैसे तो किसी परिचय का मोहताज नही लेकिन हम बात कर रहे हैं राजकीय डूंगर कॉलेज बीकानेर के प्रोफ़ेसर सर श्यामसुंदर जी ज्याणी की। डयूटी, परिवार की जिम्मेदारियों के साथ पौधरोपण वास्तव में धरती का भगवान कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नही।

इनके मार्गदर्शन व ज्याणी सर की कार्यशैली से प्रभावित होकर पौधे लगाए जो आज पेड़ का रूप लेकर पुलिस थाना के पास ईदगाह में लहरा रहे हैं। पर्यावरण के प्रति समर्पित डॉ. ज्याणी व पत्रकार इस्माईल खान ने सबका दिल जीत लिया है। लोग डॉ. ज्याणी व पत्रकार इस्माईल की खूब प्रशंसा कर रहे है।

https://www.youtube.com/watch?v=_H9xi3IOrSk&feature=youtu.be
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