खुलासा ऑपरेशन : पीबीएम में चल रही है डॉक्टर्स की दुकानें, बिछा रखा है 'मायाजाल' - Khulasa Online

खुलासा ऑपरेशन : पीबीएम में चल रही है डॉक्टर्स की दुकानें, बिछा रखा है ‘मायाजाल’

- पीबीएम में मरीजों के साथ लूट-खसोट जारी - पीबीएम के पास स्थित मेडिकल की दुकानें और लेबोरेटरीज चल रही है सरकारी चिकित्सकों के भरोसे - कुशालसिंह मेड़तिया खुलासा न्यूज़, बीकानेर। संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में मरीजों के साथ लूट-खसोट की जा रही है। सरकार की मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा एवं जांच योजना के बावजूद सरकारी अस्पताल में मरीजों को सस्ता इलाज नहीं मिल रहा है। हालात यह बने हुए है कि पीबीएम के आस-पास स्थित मेडिकल की दुकानें और लेबोरेटरीज इन सरकारी चिकित्सकों के भरोसे चल रही है। डॉक्टर्स कमीशन का खेल चला रहे हैं। इनका दबदबा इमरजेंसी से लेकर वार्डों तक है। पीबीएम अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉक्टर्स मेडिकल से दवाएं लाने, लेबोरेटरीज से जांचे करवाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। ऐसे में निजी क्षेत्र की लेबोरेटरीज वाले उनके यहां मरीज भेजने वाले डॉक्टर को 50 प्रतिशत तक का कमीशन मयलिखित हिसाब भिजवाते हैं। इन दिनों कमीशन की दर ज्यादा हो गई है।

@कुशालसिंह मेड़तिया

यह सब मरीजों की जेबों से आता है, जिनमें से ज्यादातर आम खचे्रं भी सहन नहीं कर सकते, ऐसे में कमीशन अदा करना उनके बस का नहीं। बड़ी संख्या में मरीज सिर्फ इसी कारण इलाज की बजाय मोत को चुनते हैं क्यों भारी खर्च नहीं उठा सकते। इसकी जगह अगर डॉक्टर कम्पनियों की महंगी दवाईयों की बजाय जैनेरिक दवाईयां लिखे तो एक आम नागरिक का इलाज बहुत ही कम कीमत में हो सकता है। खुलासा ऑपरेशन में पता चला है कि पीबीएम के वरिष्ठ डॉक्टर्स रेजिडेंट डॉक्टर्स को चिन्हित लैब से मरीजों की जांचें करवाने का कह रखा है। इन सीनियर डॉक्टर्स के दबाव के चलते रेजिडेंट डॉक्टर्स मरीजों को चिन्हित मेडिकल व लैब में भेजते है। आपको बता दें कि पिछले दिनों एक निजी लैब का कर्मचारी वार्ड में सैम्पल लेने आया तो वहां पर लोगों ने हंगामा खड़ा कर दिया। लोगों ने निजी लैब के कर्मचारी का वीडियो इसका भंडाफोड़ भी किया। लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसका नतीजा यह रहा है कि कमीशन के खेल में फंसे डॉक्टर्स पर कोई कार्यवाही नहीं होती है। कार्यवाही नहीं करने से पीबीएम प्रशासन की साख पर बट्टा लगता जा रहा है।

@कुशालसिंह मेड़तिया

प्रशासन की अनदेखी, समझा-बुझा कर करवा दिया जाता है मामला शांत पिछले दिनों एक मामला सामने आया था जिसमें मरीज पीबीएम अस्पताल में भर्ती रहा और चिकित्सक ने मरीज को घर बुलाकर रुपए 2500 रूपए वसूल कर लिए। इसके बावजूद मरीज को आराम नहीं मिला तो उसने रुपए वापस मांगें। रुपए वापस नहीं मिलने पर मामला पीबीएम अधीक्षक के पास पहुंचा। बाद में समझा-बुझा कर मामला शांत कराया।

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हर काम के चाहिए दाम पीबीएम अस्पताल में मरीजों से हर काम के लुक-छुप रुपए वसूले जा रहे हैं। जनाना अस्पताल के लेबर रूम में लड़का हो या लड़की के जन्म पर बधाई के रूप में 100 से 500 तक परिजनों से वूसले जा रहे हैं। ऑपरेशन थियेटर से वार्ड तक मरीज को छोडऩे, मरीज के अस्पताल से डिस्चार्ज होने पर गाड़ी तक छोडऩे के रुपए वसूले जाते हैं। हालात इस कदर खराब है कि वहां अटेंडेंट हो सफाईकर्मी हो सबको किसी न किसी काम के रुपए चाहिए।

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खुलासा को बताएं - किसी भी चिकित्सक के पास आय से अधिक सम्पति हो - चिकित्सक अस्पताल में ड्यूटी से गायब हो - चिकित्सक मरीज के साथ अच्छा व्यवहार न करता हो - नि:शुल्क दवा नहीं मिले, जांचें नहीं हो रही हो - चिकित्सक निजी लैबों में जांच कराने की राय दे... - चिकित्सक दवाईयां बाजार से लाने की राय दे... इस संबंध में किसी भी प्रकार की कोई सचना हो तो हमें बताएं। आपसे मिली जानकारियों के आधार पर खुलासा न्यूज़ जांच-पड़ताल करेगा और खबरें प्रकाशित करेगा।

[email protected] Mo. +91 76659 80000 @कुशालसिंह मेड़तिया
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