देश में कोयले का सिर्फ 4 दिन का स्टॉक; बिजली संकट से अंधेरे में डूब सकता है भारत, ठप हो सकती हैं फैक्ट्रियां

नई दिल्ली। देश में सिर्फ चार दिनों के कोयले का स्टॉक बचा हुआ है. पिछले कुछ वक्त से कोयले की किल्लत ने सरकार को परेशान कर रखा है. कोयले की कमी की वजह से बिजली सेक्टर पर बड़ी आफत आ सकती है और देश को भारी ऊर्जा संकट से जूझना पड़ सकता है. बिजली मंत्री आर के सिंह ने ‘ एक इंटरव्यू में कहा है कि इस महीने के आखिर में देश के पावर स्टेशनों में सिर्फ चार दिन का स्टॉक बचा था. हाल के कुछ वर्षों में ऐसा कोयला संकट नहीं देखा गया था. अगस्त में देश के पावर स्टेशनों में औसतन 13 दिनों के कोयला का स्टॉक था. देश को इस संकट की स्थिति से सामान्य हालत में आने में छह महीने से भी अधिक का वक्त लग सकता है. कोयले के उत्पादन में भारी कमी देश में कोयले के उत्पादन में कमी से इसका स्टॉक लगभग खत्म होने के कगार पर है. लिहाजा बिजली का उत्पादन करने वाली आधे से अधिक प्लांट्स अलर्ट पर रखे गए हैं. बिजली मंत्री ने कहा कि उन्हें पता नहीं है कि अगले पांच-छह महीने उन्हें चैन मिलेगा कि नहीं क्योंकि कोयला संकट अभूतपूर्व है. आरके सिंह ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से हालात बेहद खराब हैं. देश में 40 से 50 गीगावाट बिजली का उत्पादन करने वाले थर्मल पावर प्लांट्स में सिर्फ तीन दिन के कोयले का स्टॉक बचा हुआ है. सितंबर में भी सर्विस सेक्टर में रफ्तार, 10 महीने में पहली बार नौकरियों में हुआ इजाफा मंत्रालय और कोल कंपनियों के अधिकारियों की बैठक देश में कोयले से बिजली उत्पादन क्षमता 203 गीगावाट है. हमारी 70 फीसदी बिजली कोयले से पैदा होती है. अगले कुछ सालों में देश में बिजली की मांग काफी बढऩे वाली है. कई केंद्रीय मंत्रालय इस वक्त कोल इंडिया और एनटीपीसी के साथ मिलकर कोयला खदानों का उत्पादन बढ़ाने के उपायों पर विचार कर रहे हैं. फिलहाल कोयला खनन कंपनियां उन्हीं कंपनियों को पहले कोयला देंगी, जिन्होंने बकाये का भुगतान कर दिया है.
error: Content is protected !!
Join Whatsapp