अब बदलेगी स्कूली बच्चों की मूल्यांकन प्रक्रिया,जाने क्या होने जा रहा बदलाव

खुलासा न्यूज,बीकानेर। प्रदेश के स्कूली बच्चों की मूल्यांकन प्रक्रिया बदलने जा रही है। स्कूलों में किताबी ज्ञान के अलावा बच्चों का हेल्थ, इमोशनल, फिजिकल और सोशल असेसमेंट भी किया जाएगा। इसके बाद बच्चों का होलेस्टिक रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को दक्ष किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार के निर्देश मिलने के बाद विभाग ने राज्य स्तर पर एक असेसमेंट सेल बनाई है। इसमें 30 विशेषज्ञों को शामिल किया है। सेल के निर्देशन में जिला और ब्लॉक स्तर पर असेसमेंट सेल बनाई जा रही है। राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद को नोडल एजेंसी बनाया है। नेशनल अचीवमेंट सर्वे में टॉप छह राज्य चुने शिक्षा मंत्रालय की ओर से यह प्रोजेक्ट देश के छह राज्यों को दिया गया है। ये वे राज्य हैं, जिन्होंने 2017 में हुए शिक्षा के नेशनल अचीवमेंट सर्वे में टॉप किया। वल्र्ड बैंक के स्टार प्रोजेक्ट के तहत इन्हें अनुदान दिया गया है। राजस्थान के अलावा केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा भी शामिल है। तैयार हो रहा प्रश्न बैंक, शाला दर्पण पर मिलेगा असेसमेंट सेल की ओर से प्रश्न बैंक तैयार किया जा रहा है। इसमें किताबी ज्ञान के अलावा व्यवहारिक, सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी जानकारियां होंगी। इसे शाला दर्पण पर अपलोड किया जाएगा। स्कूल प्रश्न बैंक को अपलोड करेंगे। इससे बच्चों का मूल्यांकन होगा। इसीलिए जरूरी विशेषज्ञों की मानें तो अभी तक स्कूलों में टेस्ट या परख, अर्द्धवार्षिक और वार्षिक परीक्षाओं के आधार पर ही मूल्यांकन किया जाता है। इससे बच्चों का समग्र मूल्यांकन नहीं हो पाता। नई प्रक्रिया के तहत बच्चों की पढ़ाई के साथ हर क्षेत्र में मूल्यांकन होगा। बच्चा जिस क्षेत्र में रुचि रखेगा उसे उसी क्षेत्र में आगे बढ़ाया जाएगा। शिक्षा सचिव के निर्देश पर असेसमेंट सेल का गठन कर लिया है। यह सेल जिला और ब्लॉक स्तर पर भी बनेंगी। इसके आदेश जारी कर दिए हैं। बच्चों के विकास के लिए समग्र मूल्यांकन प्रक्रिया बेहद उपयोगी साबित होगी।

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