पीबीएम में लापरवाही, अधीक्षक बने संवेदनहीन,इस संस्था ने सीएम से की कार्यवाही की मांग - Khulasa Online

पीबीएम में लापरवाही, अधीक्षक बने संवेदनहीन,इस संस्था ने सीएम से की कार्यवाही की मांग

बीकानेर। कोरोना काल में पीबीएम अस्पताल की व्यवस्थाएं चौपट पड़ी है और अधीक्षक द्वारा की जा रही संवेदनहीनता के मामले में आज मोहनसिंह वेलफेयर सोसायटी द्वारा कलेक्टर के मार्फत सीएम अशोक गहलोत को ज्ञापन लिखा। ज्ञापन में बताया गया कि कोरोना महामारी में पीबीएम अस्पताल लापरवाही का पुतला बना है और अधीक्षक द्वारा संवेदनहीनता की जा रही है। साथ ही बताया गया कि व्यास कॉलोनी इलाके की एक महिला को पीबीएम प्रशासन कोरोना जांच करवाने के बाद क्वारेंटाइन न कर सीधे घर भेज दिया, लेकिन जांच रिपोर्ट में वह महिला कोरोना पॉजीटिव निकली थी। उसके बाद उसे वापिस हॉस्पिटल लाया गया। इसी तरह एक अस्प्ताल में भर्ती महिला को भी इस तरह कोरोना की जांच करवाने के बाद घर भेज दिया, लेकिन जब रिपोर्ट पॉजीविट निकली तो वापिस उसे घर हॉस्पिटल लाया गया और अगले 24 घंटों में उस महिला की मौत हो गई। ज्ञापन में बताया कि पीबीएम प्रशासन की इस लापरवाही की वजह से हॉस्पिटल के कर्मचारी सुरक्षित नहीं है। पिछले दिनों पीबीएम अस्पताल एक सुरक्षाकर्मी भी कोरोना पॉजीटिव पाया गया, इसको भी उन महिलाओं की तरह जांच आने तक घर भेज दिया, रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद उसे वापिस हॉस्पिटल लाया गया। ज्ञापन में बताया कि पीबीएम अधीक्षक की संवेदनहीनता इतनी पाई गई है कि जब किसी की मौत हो जाती है उसकी कोरोना जांच के लिए कम से कम 10 से 12 घंटे लगाए जा रहे है जिससे परिजन मृतक की बॉडी भी अपने घर समय पर नहीं ले जा पाते। जब मृतक के परिजनों द्वारा अधीक्षक को शिकायत की जाती है तो उनके द्वारा संतुष्ट जवाब नहीं दिया जाता और किसी तरह की मदद भी नहीं करते। ज्ञापन में बताया गया कि जब से डॉ. मोहम्मद सलीम को पीबीएम अधीक्षक बनाया गया उसी दिन से हॉस्पिटल की व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई है, दिनोंदिन व्यवस्थाएं चौपट होती जा रही है। ज्ञापन में इन मामलों को गंभीरतापूर्वक लेते हुए पीबीएम अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल मोहन सिंह वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सोहन सिंह, वेद व्यास, अनिल हर्ष, रोहिताश व्यास, विक्रम राजपुरोहित आदि शामिल थे।

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