लव फन लर्न स्कूल में मूट कोर्ट एक्टिविटी का आयोजन - Khulasa Online

लव फन लर्न स्कूल में मूट कोर्ट एक्टिविटी का आयोजन

खुलासा न्यूज़ , बीकानेर । लव फन लर्न स्कूल में मूट कोर्ट एक्टिविटी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के आगे दीप प्रज्जवलित कर के किया गया। विद्यालय के चैयरमैन श्री नारायण बाहेती ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट विवेक शर्मा अध्यक्ष बार एसोसिएशन बीकानेर, विशिष्ट अतिथिगण ईश्वर प्रसाद सीआई, नोखा, समाजसेवी नारायण जोशी, पालिका उपाध्यक्ष निर्मल भूरा, एडवोकेट संदीप स्वामी बीकानेर, एडवोकेट किशन गोपाल चितलांगी, भंवर लाल सुथार थे। विद्यालय के चैयरमैन श्री नारायण बाहेती और अन्य शिक्षक गण ने सभी अतिथियों को माला पहनाकर, शाल ओढ़ाकर और साफा लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम के पहले चरण में विद्यार्थियों द्वारा सास बहू के बीच झगड़े को दिखाते हुवे दहेज अधिनियम को लेकर वाद-विवाद हुआ। जिसमे वंशिका बिश्नोई, ममता बिश्नोई, बुसरा, कुमकुम और दिशा झंवर ने तरह-तरह के किरदार निभाए। इस के बाद वकील के किरदार निभा रहे दिया बाहेती, अंकिता बिश्नोई, शिवानी, हर्षिता, आशीष, पवन, दिशा द्वारा विद्यालय के चैयरमैन श्री नारायण बाहेती, अध्यक्ष लक्ष्मी बाहेती, प्रधानाचार्या मीनू सिंह से लेकर और सभी टीचर्स को कटघरे में बुलाकर उनसे सवाल जवाब किये गए। पेशकार का किरदार शुभम जोशी, विकास भादु और पीयूष चौधरी द्वारा किया गया। पुलिस का किरदार मुस्कान हेडा और कुश सुखलेचा ने किया। कोर्ट मास्टर का किरदार कार्तिक सेठिया और प्रियंका सुथार ने किया। जज का किरदार सुहानी सुथार और वन्दन लाहोटी द्वारा किया गया। एडवोकेट विवेक शर्मा ने बच्चों के इस मूट कोर्ट कार्यक्रम की सराहना की। सीआई ईश्वर प्रसाद ने बच्चों को सोशल नेटवर्किंग का सही से इस्तेमाल करने को कहा साथ ही बच्चों के इस प्रयास को खूब सराहा। एडवोकेट किशन गोपाल चितलांगी ने बताया कि विधि की शिक्षा प्रदान करने वाले सभी विश्वविद्यालयों के विधि पाठ्यक्रम में मूट कोर्ट को शामिल किया गया ताकि विधि के छात्रों को न्यायालय में उपस्थित होने से लेकर उसमे की जाने वाली कार्यवाहियों का ज्ञान हो सके। लेकिन स्कूल के बच्चो द्वारा की गयी यह कोशिश बहुत ही सराहनीय कदम हैं। कार्यक्रम प्रभारी अशोक ठाकवानी ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को न्यायपालिका की प्रक्रिया से अवगत कराने के साथ साथ भारतीय लोकतंत्र में न्यायपालिका के महत्व को समझाना हैं। विद्यालय के चैयरमैन श्री नारायण बाहेती ने बताया कि इस तरह के आयोजन से शिष्टाचार के सम्बन्ध में ज्ञान प्राप्त होता है जो कि बच्चे के जीवन भर काम आता हैं। न्यायालय की गरिमा को बनाये रखने का ज्ञान प्राप्त होता है जैसे कि न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष ऊँची आवाज में न बोलना, अपनी बात कहने से पहले सामने वाले को पूरी तरह से अच्छे से सुनना व् अन्य बातों का ज्ञान प्राप्त होता है। प्रधानाचार्या मीनू सिंह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को विद्यालय द्वारा सर्टिफिकेट दिए गए।
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