
बीकानेर में बड़ा फर्जीवाड़ा: राष्ट्रीय आयोग की फर्जी लेटरहेड से धमकाकर हड़पे लाखों रुपए, पुलिस ने दर्ज किया मामला




बीकानेर में बड़ा फर्जीवाड़ा: राष्ट्रीय आयोग की फर्जी लेटरहेड से धमकाकर हड़पे लाखों रुपए, पुलिस ने दर्ज किया मामला
बीकानेर। खाजूवाला पुलिस थाना क्षेत्र में एक संगठित ठगी और फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपियों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की फर्जी लेटरहेड और मोहर का दुरुपयोग करते हुए लोगों को धमकाया, लेबर के नाम पर लाखों रुपए हड़प लिए और झूठी शिकायतें देकर भय पैदा करने की कोशिश की।
लेबर उपलब्ध कराने के नाम पर हड़पे रुपए
परिवादी जगदीश पुत्र लेखराम जाट, निवासी चक 34 केवाईडी, खाजूवाला, ने सीओ कार्यालय को दिए परिवाद में बताया कि वह चक 3 एडीएम, बीकानेर रोड स्थित ईंट भट्टे पर मुनीम के रूप में कार्यरत है। लेबर की आवश्यकता होने पर उसके परिचित ने उसे अशफाक शाह पुत्र इस्माईल शाह, निवासी किरियारा खीरी (उत्तरप्रदेश) से मिलवाया।
अशफाक शाह ने लेबर उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए 12 नवंबर को श्रीराम ईंट उद्योग, 11 टीकेडब्ल्यू, ताखरावाली (श्रीगंगानगर) में गवाहों के सामने ₹2,11,000 बतौर अग्रिम राशि ली। इसके बाद परिवादी ने ₹13,000 गाड़ी किराया और ₹66,000 राशन खर्च के रूप में भी दिए।
लेबर को भड़काया, फिर गायब हुआ आरोपी
रिपोर्ट में बताया गया कि 22 नवंबर को अशफाक शाह ने और लेबर लाने के बहाने से ₹1,50,000 नगद लेकर उत्तरप्रदेश चला गया। इसके बाद उसने मोबाइल बंद कर दिया और भट्टे पर काम कर रही लेबर को अन्य नंबरों से भड़काने लगा, साथ ही पुलिस थाना खाजूवाला में झूठी शिकायतें भी दीं।
फर्जी अधिकारी बन धमकाया
परिवादी के अनुसार, अशफाक शाह, तुफैल व अन्य 3–4 लोगों ने खुद को मानवाधिकार आयोग व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अधिकारी बताकर डराने और धमकाने की कोशिश की। आरोपियों ने फर्जी लेटरहेड, मोहर और दस्तावेजों का उपयोग करते हुए प्रशासन को गुमराह करने और दबाव बनाने की कोशिश की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
आरोपियों ने परिवादी को धमकाते हुए कहा कि वे पैसा हड़प चुके हैं, और यदि पीछा किया गया तो जान से मार देंगे या झूठे मुकदमों में फंसा देंगे। परिवादी ने फर्जी दस्तावेज और लेटरहेड पुलिस को सबूत के रूप में सौंपे हैं।
पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी, धमकाने और सरकारी दस्तावेजों के दुरुपयोग की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। जांच एएसआई मांगीलाल को सौंपी गई है।




