बाहरी डिग्री सत्यापन के नाम से बीकानेर में चल रही है मनमर्जी - Khulasa Online

बाहरी डिग्री सत्यापन के नाम से बीकानेर में चल रही है मनमर्जी

कोई सीईओ,कोई डीईओ तो कोई डायरेक्टर कार्यालय के काट रहा है चक्कर,एसएलपी वापसी के बाद भी नहीं मिल पाई है नियुक्ति

जयपुर/बीकानेर : रीट भर्ती 2016 में चयनित अभ्यर्थियों के लिए जिला स्तर पर नियुक्ति की बाधा दूर होने का नाम नहीं ले रही है | एक ओर जहाँ एसएलपी वापसी उपरांत निदेशालय ने 15 सितंबर के अपने आदेश में आठ अक्टूबर तक नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण करने के आदेश संबंधित जिला परिषदों को दिए थे,वहीं मामले में धीमी प्रगति के मद्देनजर 29 अक्टूबर को एक बार फिर तत्काल नियुक्ति का विशेष आदेश निदेशालय की ओर से जारी हुआ था | लेकिन उक्त भर्ती की प्रतीक्षा सूचि में चयनित अंग्रेजी व विज्ञान-गणित के अभ्यर्थियों को अब भी रोजाना कभी विभिन्न जिलों के डीईओ,सीईओ तो कभी प्रारम्भिक शिक्षा के डायरेक्टर के पास चक्कर लगाकर अपनी नियुक्ति की गुहार लगानी पड़ रही है |

भटक रहे अभ्यर्थियों के मुताबिक उनकी बीएड की डिग्री नजदीकी दूसरे राज्यों से उत्तीर्ण है,जिसका सत्यापन विभिन्न जिलों के डीईओ कार्यालयों द्वारा कैलेंडर में निर्धारित अवधि में नहीं करवाया गया है | कई जिलों में बाहरी डिग्री की सत्यापन रिपोर्ट आ चुकी है,फिर भी कॉउंसलिंग और नियुक्ति प्रक्रिया को संबंधित क्लर्क लोग जानबूझकर अटकाए बैठे हैं और फाइल को उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुँचाया जा रहा है।

जयपुर,सीकर, अलवर,बाड़मेर,जैसलमेर,श्रीगंगानगर,चित्तौरगढ़,जोधपुर सहित अनेक जिलों में बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थियों के सामने यह समस्या पेश आ रही है | पिछले तीन दिन से विभिन्न जिलों में नियुक्ति का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी नित रोजाना निदेशालय बीकानेर पहुंचकर अपनी पीड़ा को निदेशालय व सहायक निदेशक के सामने रख रहें हैं | अभ्यर्थियों के मुताबिक निदेशालय के अधिकारी भटक रहे अभ्यर्थियों की शीघ्र नियुक्ति बाबत संबंधित जिलों के डीईओ व सीईओ कार्यालयों को दूरभाष की मार्फत आदेशित भी कर रहें हैं |

 

लेकिन राजसमंद जिले को छोड़कर अन्य जिलों में महीनेभर से न तो कॉउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ी है और न ही नियुक्ति प्रक्रिया | आलम यह है कि मुख्य याचिकाकर्ता के तौर पर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करने वाली उर्मिला देवी भी जयपुर जिले में नियुक्ति हेतु रोजाना ऑफिसों के चक्कर लगाने को मजबूर है | जबकि सूबे के शिक्षा मंत्री व स्वयं मुख्यमंत्री नियुक्ति के लिए भटक रहे इन अभ्यर्थियों की पीड़ा से बेखबर हैं तथा इस भर्ती में एसएलपी वापसी के कदम को ऐतिहासिक बताते हुए बार-बार हजारों अभ्यर्थियों की नियुक्ति के दावे कर रहें हैं |

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