प्रसव पीड़ा के बाद अगर कोई दर्द है तो वह दांतों का दर्द है-डॉ. चारूलता रंगा - Khulasa Online

प्रसव पीड़ा के बाद अगर कोई दर्द है तो वह दांतों का दर्द है-डॉ. चारूलता रंगा

बीकानेर 01 जनवरी, 2022 नालन्दा पब्लिक सी. सै. स्कूल में आयोज्य राष्ट्रीय सेवा योजना $2 इकाई के 7 दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन छात्र/छात्राओं ने योगाभ्यास व माँ सरस्वती की वंदना कर शिविर की शुरूआत की। तत्पश्चात् इस अवसर पर दंत चिकित्सक डॉ. चारूलता रंगा ने बच्चों को दांतों से संबंधित होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने बताया कि किस प्रकार हम अपने दांतों की साफ-सफाई रख सकते हैं, किस प्रकार व कितना टूथ पेस्ट टूथ ब्रश पर लेकर हम अपने दांतों का रख-रखाव कर सकते हैं। डॉ. चारूलता ने शिविर में सभी 25 शिविरार्थियों व अध्यापकों के दांतों का चैकअप किया व उनको उनकी बीमारियों व उनका निदान भी बताया। डॉ. चारूलता ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रसव पीड़ा के बाद अगर कोई दर्द है तो वह दांतों का दर्द हैं। हमें इसे कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए। कोरोना के पश्चात् कई लेागों को दांतों के कारण हुई बड़ी परेशानियां एवं कुछ व्यक्ति विशेष के दांत व जबड़े आदि का ऑपरेशन करवाना पडे़, जो बड़ी ही दुखदायी बात है, तो हमें दांतों की छोटी से छोटी बीमारियों को भी तुरन्त रूप से डॉ. को दिखाकर उसका ईलाज करवाना चाहिए। इससे पूर्व नेहरू शारदा पीठ महाविद्यालय के राजस्थानी भाषा के विभागाध्यक्ष व साहित्यकार, शिक्षाविद् गौरीशंकर प्रजापत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह छात्र जीवन के कैंप नहीं जागृति के लैम्प होते हैं। जो हमें हमेशा जीवन दर्शन के बारे में बताते रहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हमें ऐसा बनना है कि लोग हमारे लिए तालियां बजाए न कि हम लोगों के तालियां बजाएं। राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई का शिविर हमें गांधी दर्शन का बोध कराता है, यह शिविर शहर और गांव की तस्वीर तकदीर बदलता है। राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर बालक-बालिकाओं में आत्मनिर्भरता के गुण प्रस्फुटित करता है। प्राचार्य राजेश रंगा ने छात्र/छात्राओं को गीत के द्वारा संबोधित करते हुए कहा कि घर-घर अलख जगाएंगे बदलेंगे जमाना बदली है हमने अपनी दिशाएं। भारत को स्वच्छ बनाएंगे। छात्र/छात्राओं का उत्साहवर्धन किया तथा उनको संस्कारवान बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने हमें पैकेज पुत्र नहीं बनना है, हमें संस्कारवान व अपनी संस्कृतिवान बनना है। शिविर प्रभारी हरिनारायण आचार्य ने बताया कि शिविर के दौरान ही छात्र/छात्राओं ने पंरपरागत खेल दुध जलेबी, पोसम्पा, मार दड़ी आदि अनेक खेलों का आयोजन हुआ। जिसमें दुध जलेबी में किरण, व हर्षिता विजेता रही व मारदड़ी में हिमांशु छंगाणी की टीम प्रथम रही। शिविर के अंतिम सत्र में छात्र/छात्राओं को विद्युत उपकरणों के रख-रखाव की जानकारी इलेक्ट्रीशियन दिनेश व्यास ने दी। जिसे छात्र/छात्राओं ने बहुत ही रूचि पूर्ण तरीके से समझा। कार्यक्रम का संचालन आशिष रंगा ने किया और सभी का आभार छात्रा शिविर प्रभारी सपना शर्मा ने किया।
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