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खुलासा न्यूज,बीकानेर। एडवोकेट विनायक और रवैल भारतीय ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महंती को पत्र लिखकर 65 साल से अधिक उम्र के कैदियों को आपातकालीन पैरोल देने और कैदी -19 संक्रमण से ग्रस्त कैदियों की संख्या कम करने की मांग की है।अधिवक्ता विनायक और रवैल भारतीय ने अपने पत्र में कहा है कि 65 साल से अधिक उम्र के कैदी और कैदियों को बीमारी और चिकित्सीय स्थितियों के कारण COVID -19 संक्रमण का खतरा है और इसलिए उन्होंने अपने आपातकालीन पैरोल को बढ़ाने की मांग की।”यह उल्लेख करना काफी उचित है कि” की राजस्थान की जैलो में सामाजिक दुरी संभव नहीं है” क्योंकि राजस्थान में जेल पहले से ही भीड़भाड़ वाले हैं और जैसे कि राजस्थान की जेलें स्वयं उस पर महामारी के प्रभाव से बेहद प्रभावित हुई हैं,” तथा “पिछले कई दिनों से राजस्थान की जैलो में कोरोना महामारी ने काफी कैदियों को संकर्मित किया है” ऐसा इस पत्र में लिखा गया है तथा चीफ जस्टिस से इस पर करवाई करने का निवेदन किया गया है। इस पत्र की एक प्रतिलिपि राज्य मानव आयोग, राष्ट्रीय मानव आयोग, उच्चतम न्यायालय, सेशन जज बीकानेर व अटॉर्नी जनरल को भी दी गयी है। उन्होंने 01 मई, 2021 को सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट को Suo Moto रिट पिटीशन (C) नंबर 1/2020 में COVID OF COVID 19 VIRUS IN PRISONS के बारे में बताया और चीफ जस्टिस से COVID 19 वायरस के प्रसार के संबंध में कार्रवाई करने का अनुरोध किया।