गहलोत मंत्रिपरिषद की बैठक आज, हो सकते सभी मंत्रियों के इस्तीफे

जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार और पुनर्गठन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। शुक्रवार रात मंत्रिमंडल के 3 सदस्यों के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई है। शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर एक साथ होने वाली मंत्रिपरिषद और कैबिनेट की बैठक को मंत्रिमंडल पुनर्गठन से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी के विश्वस्त सूत्रों की माने तो बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सभी मंत्रियों के इस्तीफे ले सकते हैं, ऐसे में मंत्रिपरिषद की बैठक काफी अहम मानी जा रही है। सभी मंत्रियों के इस्तीफे की एक वजह यह भी बताया जा रहा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सभी मंत्रियों के इस्तीफे ले सकते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल से कौन बाहर होगा और कौन अंदर रहेगा? इसका फैसला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे, लेकिन जिन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से ड्रॉप करना है, अगर उन्हीं मंत्रियों के इस्तीफे लिए गए तो इससे नाराजगी बढ़ेगी। इसीलिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तमाम मंत्रिमंडल के सदस्यों के इस्तीफे लेंगे और जिन मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर करना है उनके नाम बाद में सार्वजनिक कर दिए जाएंगे। राज्यपाल से मुलाकात कर सकते हैं मुख्यमंत्री बताया जा रहा है कि राज्यपाल कलराज मिश्र भी आज शाम तक उत्तर प्रदेश से जयपुर लौट सकते हैं, जिसके बाद आज रात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात करके मंत्रिमंडल पुनर्गठन के लिए कह सकते हैं। कहा ये भी जा रहा है कि मंत्रिपरिषद की बैठक में सभी मंत्रियों के इस्तीफे देने के बाद गहलोत सरकार का पहला मंत्रिमंडल फेरबदल और पुनर्गठन कल हो सकता है। विधायकों को जयपुर में रुकने के निर्देश सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल की दौड़ में शामिल सभी विधायकों को 2 दिन जयपुर में रुकने के निर्देश दिए गए हैं। विधायकों को मिले इन संकेतों ने भी मंत्रिमंडल पुनर्गठन की अटकलों को हवा दी है। गौरतलब है कि शुक्रवार रात चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों मंत्रियों ने कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इस्तीफे की पेशकश की है, जिसकी पुष्टि प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने भी जयपुर में की। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने भी कहा कि शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के पास प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी है। हरीश चौधरी के पास पंजाब कांग्रेस का प्रभार है और रघु शर्मा गुजरात दमन-दीप के प्रभारी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद और कांग्रेस प्रभारी का पद मंत्री पद से बड़ा होता है।
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