तीसरी लहर का खौफ, बीकानेर में बिना अनुमति चल रहे है स्कूल व कोचिंग, खुलासा करेगा पर्दाफाश - Khulasa Online

तीसरी लहर का खौफ, बीकानेर में बिना अनुमति चल रहे है स्कूल व कोचिंग, खुलासा करेगा पर्दाफाश

- कुशालसिंह मेड़तिया की विशेष रिपोर्ट खुलासा न्यूज, बीकानेर। देशभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। तीसरी लहर का खौफ के चलते प्रदेशभर में स्कूल व कोचिंग बंद हैं। वहीं बीकानेर जिले में कई प्राइवेट स्कूल व कोचिंग संस्थान सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्राइवेट शिक्षण संस्थान चलाने वाले अपनी मर्जी से शिक्षण कार्य को संपादित कर रहे है। जहां कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। स्थानीय प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बना हुआ है। प्रशासन की नजरों से बचने के लिए स्कूल प्रशासन ने बच्चों को स्कूली ड्रेस के बजाय नॉर्मल ड्रेस में आने का आदेश दे रखा है, जिसका अनुपालन बच्चे कर रहे है। इसके अलावा कई प्राइवेट कोचिग संस्थान बंद के आदेश को नजर अंदाज कर रहे हैं। मोटी फीस का आनंद उठा रहे हैं। इनमें कई सरकारी शिक्षक भी शामिल हैं, जो बच्चों को झुंड में पढ़ा रहे हैं। इन संस्थानों में न हीं बच्चे मास्क पहने हुए मिलेंगे औऱ न हीं शारीरिक दूरी का पालन करते हुए। खुलसा न्यूज़ सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले प्राइवेट कोचिंग संस्थान व कोचिंग वालों का पर्दाफाश करेगी। अगर आपके जानकारी में भी ऐसे संस्थान है तो वीडियो या फोटोज हमें भेज सकते है। हम पड़ताल कर ऐसे संस्थानों का खुलासा करेंगे। सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है कि शहर की कुछ सरकारी स्कूलें है जो प्रत्येक कक्षा में कम विद्यार्थी बुलाकर कक्षाओं का संचालन कर रहे है। जबकि स्कूलों के बच्चों को बुलाना मना है सिर्फ अध्यापक ही जा सकते है जहां पर एडमिशन हो रहे है। जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग भी इन कोंचिंग संचालक या स्कूलों पर कोई भी कार्यवाही नहीं कर रहा है जबकि इसकी जानकारी सभी अधिकारियों को है लेकिन प्रशासन पर दबाब के कारण प्रशासन इन पर कार्यवाही नहीं कर रहा है। खुलासा के पास इसके पुख्ता सबूत है। यहां-यहां खुल रही स्कूलें सरकारी आदेशों के अनुसार प्रदेश में सभी स्कूल व कोचिंग संस्थान पूरी तरह से बंद है इसके बावजूद भी शहर के जस्सूसर गेट,गोपेश्वर बस्ती, गंगाशहर,बड़ा बाजार, रांगड़ी चौक,नत्थुसर गेट, जेएनवीसी, पवनपुरी,पूगल रोड़, मुक्ताप्रसाद आदि इलाको में कई ऐसे कोचिंग संस्थान है जो प्रशासन को चकमा देकर बच्चों को अध्ययन करवा रहे है। कुछ कोचिंग संचालको ने कोरोना के दौरान बंद अपने कोचिंग के बाद भी अभिभावकों को फोन करके फीस के लिए परेशान कर रहे है। जबकि कोरोना के कारण सभी कोचिंग बंद है कोई भी विद्यार्थी कोचिंग नहीं गया लेकिन संचालक फीस के लिए बार- बार परेशान किये जा रहे। लेकिन प्रशासन की उदासीनत के चलते शहर में चल रहे कोचिंग व स्कूलें से बच्चों में कोरोना फैल सकता है जिसकी जिम्मेदारी किसी की यह नहीं पता है।

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