खुलासा पड़ताल: बीकानेर में ऐसे चलता है कमाई का खेल, डीईओ क्यों नहीं करते कार्यवाही ?

- जिला शिक्षा अधिकारी ने अब तक एक भी नहीं की कार्यवाही - सवालों के घेरे में जिला शिक्षा अधिकारी खुलासा न्यूज़, बीकानेर। जिले में 100 से अधिक स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। दसवीं कक्षा की मान्यता वाले स्कूलों में 12 वीं की कक्षाएं चला रहे हैं। ऐसे छात्रों का नाम किसी मान्यता प्राप्त स्कूल में लिखा दिया जाता है। इसकी एवज में स्कूल संचालक को निश्चित राशि दी जाती है। बिना मान्यता कक्षाएं संचालित करने वाले छात्रों से मनमानी फीस वसूल रहे हैं। इससे मान्यता प्राप्त स्कूलों को भारी नुकसान हो रहा है। शिक्षा विभाग स्कूल संचालकों की सेटिंग का खेल खत्म करने में नाकाम साबित हुआ है। जिले में ऐसी कई स्कूल ऐसे भी चल रहे हैं जिनकी मान्यता तो 10वीं तक है, लेकिन कक्षाएं 12वीं तक संचालित होती हैं। ऐसे स्कूल भी गैर मान्यता प्राप्त श्रेणी में आते हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इनकी अनदेखी कर रहा है।

पीएम मोदी व सीएम अशोक गहलोत तक पहुंचा यह मामला जिले में 100 से अधिक स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित होने की शिकायत जिले के जागरूक नागरिक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर की है। इस पत्र में आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले में एक भी कार्यवाही नहीं की है। साथ ही यह भी लिखा है कि मैंने 100 से अधिक स्कूलों के साक्ष्य सबूत व वीडियो शिक्षा अधिकारी को भेजे फिर भी कोई कार्यवाही नहीं की। इन्द्रा कॉलोनी निवासी जसवंत सिंह पुत्र हरिसिंह नामक जागरूक व्यक्ति ने पीएम मोदी व अशोक गहलोत से जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है। सवालों के घेरे में जिला शिक्षा अधिकारी

जिला शिक्षा अधिकारी  के उदासीन रवैये के कारण इन स्कूल के संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे स्कूल भी गैर मान्यता प्राप्त श्रेणी में आते हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इनकी अनदेखी कर रहा है। निजी शिक्षण संघ भी ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने की कई दफा मांग कर चुका है, लेकिन शिक्षा विभाग ने मौन साध रखा है।

विद्यार्थी हो रहे गुमराह मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित करने वालों ने शहर में पंपलेट लगा रखे हैं, जिनमें सुविधाओं विषय विशेषज्ञों द्वारा अध्यापन के दावे कर विद्यार्थियों अभिभावकों को गुमराह किया जा रहा है। मान्यता प्राप्त स्कूलों के संचालकों द्वारा शिकायत करने पर कार्रवाई होने से पहले ही अटैचमेंट वालों को सूचना मिल जाती है, जिससे कुछ दिनों के लिए कक्षाएं संचालित करना बंद कर देते हैं या किसी दूसरे स्थान पर पढ़ाई कराने लगते हैं। मामला ठंडा होने पर फिर स्कूल में कक्षाएं चलने लगती है।

अब तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई बिना मान्यता कक्षाएं संचालित करने वाले स्कूलों अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। निजी शिक्षण संस्थान भी इस मुद्दे को अपनी मीटिंग में कई दफा उठा चुका है और शिक्षा विभाग से कई बार कर चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती है। अटैचमेंट स्कूल में गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की श्रेणी में ही आती है, लेकिन शिक्षा विभाग इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। लोगों और मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों ने उपायुक्त से अटैचमेंट वाले स्कूलों पर कार्रवाई की मांग की है।

इनका कहना है स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित की शिकायत लिखित में मिलते ही जांच करवाएंगे। जांच में दोषी पाये जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द करने के लिए विभाग को लिखा जाएगा। अब तक कोई साक्ष्य-सबूत के साथ लिखित में शिकायत नहीं मिली है। - उमाशंकर किराडू, जिला शिक्षा अधिकारी, बीकानेर

  इन स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं हो रही है संचालित ! नरेन्द्र मोदी व अशोक गहलोत के नाम लिखे पत्र में जिले की कई स्कूलों का जिक्र किया गया है। इन स्कूलों में मान्यता से अधिक कक्षाएं संचालित हो रही है। 1. चंचल स्कूल किलचू- मान्यता आठवीं तक, संचालित दसवीं तक 2. ग्रीन बर्ड स्कूल नापासर 3. सरस्वती स्कूल नापासर 4. विकास माडल स्कूल गुंसाईसर 5. ठाकुर पब्लिक स्कूल बेलासर 6. गोविन्द पब्लिक स्कूल सींथल, तेजाणा स्कूल 7. आदर्श हाई स्कूल तिलक नगर, इसके पास 400 बच्चे है लेकिन प्रवेश रजिस्टर में इनके पास 4000 बच्चे है, 8. तक्षशिला स्कूल रिड़मलसर पुरोहितान सागर में एक भी स्कूल में बच्चा नहीं है लकिन उनके प्रवेश रजिस्टर भरे पड़े है।
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