बीकानेर में आबकारी अधिकारी व निरीक्षक नाकाम!, करोड़ों के राजस्व का नुकसान, विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में - Khulasa Online

बीकानेर में आबकारी अधिकारी व निरीक्षक नाकाम!, करोड़ों के राजस्व का नुकसान, विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में

-संपादक कुशालसिंह मेड़तिया की विशेष रिपोर्ट खुलासा न्यूज, बीकानेर। आबकारी नीति के गलत प्रावधान और बीकानेर जिले में तैनात विभाग के अधिकारियों की लापरवाही ने इस बार आबकारी बंदोबस्त को फेल कर दिया है। तीन दौर पर 10 चरण की नीलामी के बावजूद अभी भी बीकानेर में 61 शराब दुकान बंद पड़ी है इससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हो चुका है।अब तीसरे दौर में वादा करने के बावजूद 50 फ़ीसदी बंदोबस्त कराने में विफल रहे जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी है। 1 महीने में 3 दौर और 10 चरण की नीलामी के बाद भी आबकारी बंदोबस्त सफल नहीं हो सका है। दरअसल बीकानेर जिला आबकारी अधिकारी और तैनात आबकारी निरीक्षक की उदासीनता औए लापरवाही आबकारी बंदोबस्त पर भारी पड़ रही है। तमाम प्रयासों के बावजूद आबकारी नीति के गलत प्रावधान इस बार शराब कारोबारियों को लुभा नहीं पा रहे हैं। ऐसे में सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है।

 

हालात यही रहे तो हमेशा राजस्व के मोर्चे पर आगे रहने वाला आबकारी विभाग इस बार काफी पीछे रह जाएगा। हालांकि आबकारी आयुक्त प्रकाश राजपुरोहित अपने प्रशासनिक कौशल और वित्तीय प्रबंधन को लेकर बंदोबस्त को सफल बनाने में पूरी ताकत झोंक रहे हैं लेकिन बीकानेर जिले में तैनात विभाग के लापरवाह अफसर उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दे रहे। दरअसल 12 अप्रैल को नौवें चरण की नीलामी के बाद आबकारी विभाग में जिला आबकारी अधिकारियों से यह पूछा गया था कि वह अपने-अपने जिलों में कितने प्रतिशत बंदोबस्त करवा पाएंगे ? इस पर 9 जिला आबकारी अधिकारियों ने 50 फीसदी बंदोबस्त कराने में असमर्थता जाहिर की थी जबकि 25 जिला आबकारी अधिकारियों ने अपने जिलों में शेष रही दुकानों में से 50 फ़ीसदी दुकान उठने का भरोसा दिलाया था। लेकिन जिला आबकारी अधिकारियों के दावे खोखले साबित हुए। ऐसे में अब इन जिलों के जिला आबकारी अधिकारी और निरीक्षकों के खिलाफ विभाग सख्त कार्रवाई के मूड में दिख रहा है।

दरअसल आबकारी विभाग सरकार को राजस्व देने वाले विभागों में अग्रिम पंक्ति में है लेकिन आबकारी नीति के प्रावधानों में इस बार काफी समस्याएं देखने को मिली। दूसरी और विभाग में नॉन परफॉर्म अधिकारियों को फील्ड में लगाने से भी विभाग को बंदोबस्त में विफलता देखने को मिली है। उम्मीद की जा रही है कि नए आबकारी आयुक्त नॉन लरफॉर्मेस को फील्ड से हटा कर बेहतर प्रदर्शन करने वालों को आगे लाएंगे तभी बंदोबस्त सफल हो पाएगा।

बीकानेर में आबकारी बंदोबस्त की स्थिति कुल दुकान : 226 नवीनीकरण : 86 नीलाम : 165 पड़त : 61 बीकानेर की बात की जाए तो यहां शराब की कुल 226 दुकानें है। इनमें 86 दुकानों का नवीनीकरण हो चुका और 165 दुकानें नीलामी में बिक चुकी है, लेकिन शराब की 61 दुकानें ऐसी है जो आबकारी विभाग की तमाम कोशिश के बावजूद नहीं बिक पायी। नियमानुसार इन दुकानों को बंद करवा दिया, लेकिन इनका स्टॉक कब्जे में नहीं लिया गया। इन दुकानों पर अब बचे हुए स्टॉक की शराब के साथ तस्करी की शराब भी बड़े पैमाने पर बेची जा रही है। इसे लेकर आबकारी विभाग के अफसरों को लगातार शिकायतें मिल रही है लेकिन वह कार्यवाही में नाकाम बने हुए है। बंदोबश्त से वंचित दुकानों पर हो रही शराब की अवैध बिक्री से ना सिर्फ सरकार को राजस्व घाटा हो रहा बल्कि अनुज्ञाधारी दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

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