एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दिनेश एम एन अब केन्द्र में देंगे सेवाएं, जानें इस आइपीएस कहानी - Khulasa Online

एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दिनेश एम एन अब केन्द्र में देंगे सेवाएं, जानें इस आइपीएस कहानी

जयपुर. राजस्थान पुलिस के सिंघम कहे जाने वाले सीनियर आईपीएस अफ सर दिनेश एमएन अब डेपुटेशन पर केंद्र सरकार को अपनी सेवाएं देंगे। 1995 बैच के आईपीएस दिनेश एमएन सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस में 7 साल तक गुजरात की साबरमती जेल में रह चुके हैं। एनकाउंटर केस में बरी होने के बाद वे बहाल होकर वापस भारतीय पुलिस सेवा में आये। ​पिछले चार साल से एसीबी में दिखा रहे जलवा राजस्थान पुलिस की दो बड़ी एजेंसियो एसओजी और एसीबी में रहते हुए दिनेश एमएन ने कई बड़े खुलासे किए। राजस्थान के सबसे चर्चित और दबंग आईपीएस माने जाने वाले आइपीएस दिनेश एमएन को एसीबी में 4 साल से ज्यादा का वक्त हो गया है। ऐसे में कहीं और ट्रांसफर होने के बजाए उन्होंने केंद्र में सेवाएं देने का मानस बनाया और राजस्थान सरकार की पत्र भेजा। सरकार ने उनके डेपुटेशन को मंजूरी दे दी है। ​इन्हीं के निर्देशन में हुआ था गैंगस्टर आनंदपाल का खात्मा राजस्थान का कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह पुलिस के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ था। करीब 15 साल तक उसने पुलिस को चकमा देने वाले आनंदपाल सिंह के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, लूट और अपहरण जैसे दर्जनों प्रकरण दर्ज थे। अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह आनंदपाल सिंह सिर्फ एक बार पुलिस गिरफ्त में आया था ए लेकिन कुछ ही महीनों बाद पुलिस पर हमला करके वह फ रार हो गया। इसके बाद आनंदपाल सिंह की फाइल सरकार ने एसओजी को दी। दिनेश एमएन के नेतृत्व वाली टीम ने जून 2017 में आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर कर दिया। इसके साथ ही दो दर्जन नामी गैंगस्टर को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे डाल दिया। ​हनी ट्रैप के बड़े मामलों का किया खुलासा एसओजी में रहते हुए आईपीएस दिनेश एमएन हनी ट्रैप का बड़ा खुलासा किया। प्रदेश के बड़े उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को हनी ट्रेप के जाल में फं सा कर करोड़ों रुपए ऐंठने के मामले में कई लड़कियों, पुलिसकर्मियों और वकीलों को गिरफ्तार किया। ब्लैकमेलिंग कांड के इस खुलासे से हनी ट्रैप के मामलों पर काफी हद तक रोक लगी। इस खुलासे का पूरा श्रेय दिनेश एमएन और उनकी टीम को जाता है। ​आइएएस, आइपीएस और आइआरएस सहित कई बड़े अफसरों को रिश्वत लेते दबोचा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में आईजी रहते हुए आईपीएस दिनेश एमएन ने आईएएसए आईपीएस और आईआरएस सहित कई बड़े अधिकारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। इतने बड़े अधिकारियों को गिरफ्तार करने की हिम्मत एसीबी ने पहली बार दिखाई। खान विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे आईएएस अशोक सिंघवी को ढाई करोड़ रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बड़े अफसरों पर नकेल कसने के लिए भी खास पहचान इसके अलावा बारां और अलवर के जिला कलेक्टरों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। दौसा जिले के तत्कालीन एसपी आईपीएस मनीष अग्रवाल को भी रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार करके जेल पहुंचाया था। इतने बड़े अफसरों पर नकेल कसने वाले दिनेश एमएन का नाम लोगों की जुबान पर हमेशा चर्चा में रहता है। ​7 साल जेल में रहकर भी टूटे नहीं दिनेश एमएन कोई भी आम आदमी या अफसर अगर बेगुनाह होते हुए भी जेल की सलाखों तक पहुंच जाए एतो उनका मनोबल टूट जाता है। सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में आईपीएस दिनेश एमएन को 7 साल तक जेल में रहना पड़ा। 7 साल तक जेल में रहने के बावजूद भी उनका मनोबल बिल्कुल भी डाउन नहीं हुआ। उन्हें विश्वास था कि न्यायालय में आखिर सच्चाई की जीत होगी। जेल में रहते हुए वे पॉजिटिव थिंकिंग वाली किताबें लगातार पढ़ते रहे। एनकाउंटर मामले से बरी होने के बाद इन्होंने पूरी ईमानदारी से काम करके खुद की काबिलियत को साबित किया।
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