
चुनौती का पर्याय है डॉ नांगल,फिर कर दिखाया एक ओर कारनामा





खुलासा न्यूज,बीकानेर। चुनौतीपूर्ण किंतु सफल कैंसर सर्जरी का पर्याय बन चुके राजस्थान के वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. जितेंद्र नांगल ने एक बार फिर मिर्जापुर यूपी के 75 वर्षीय मरीज के जबड़े तथा ठुड्डी के कैंसर का सफल ऑपरेशन कर बड़ी कामयाबी हासिल की। मिर्जापुर, उत्तरप्रदेश के 75 वर्षीय राजाराम को लंबे समय से खैनी की लत थी जिसकी वजह से करीब 6 महीने पहले निचले जबड़े पर एक घाव बढऩा शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह बढ़कर जबड़े के दोनों तरफ तथा ठुड्डी पर गांठ के रूप में फैल गया। मरीज ने उत्तरप्रदेश में चिकित्सकों को दिखाया तो जांचे करवाने पर पता चला कि उसे जबड़े का कैंसर है और इससे जबड़े की हड्डी तक गल चुकी है। मरीज ने कुछ समय जड़ी बूटी खाने में गुज़ार दिया जिससे ठुड्डी की गांठ बढ़कर करीब 14 से.मी. की हो गई और दर्द भी असहनीय हो गया।
राजाराम ने बीकानेर आकर श्रीमती ऊमादेवी भतमाल मेमोरियल नांगल कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. जितेंद्र नांगल को दिखाया। मरीज की सीटी स्कैन क रवाने से पता चला कि निचले जबड़े की हड्डी जिसे मेंडिबल भी कहते हैं पूरी तरह से गल चुकी थी। साथ ही ठुड्डी तक कि चमड़ी भी गल चुकी थी। मरीज को इस भयावह बीमारी से निज़ात दिलाने तथा उसके जीवन की बेहतर गुणवत्ता के लिए डॉ. नांगल के सामने सर्जरी ही एकमात्र जरिया था। परन्तु चुनौती यह थी कि मरीज के जबड़े की हड्डी निकाल कर उसकी जगह क्या लगाया जाए?
8 घण्टे से अधिक चले सफल ऑपरेशन के पश्चात मरीज पूर्णरूप से स्वस्थ है। ऑपरेशन में कम्पोजिट रिसेक्शन एंड टोटल मेंडीबुलेक्टोमी के साथ-साथ बाइलेटरल मोडिफाइड नेक डिसे क्शन (पूरा निचला जबड़ा, ठुड्डी की चमड़ी तथा गर्दन के दोनों तरफ के लिम्फनोड्स निकालने) की प्रकिया सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की गई। इसके बाद रिकंस्ट्रक्शन प्रकिया के दौरान फुल मे ंडिबल टाइटेनियम रिकोन प्लेट जबड़े की हड्डी की जगह लगाई तथा साथ में मांसपेशियों को जोड़ा गया।TM जॉइंट कैप्सूल से प्लेट को फिक्स किया गया व उसके बाद म्यूकोसा और बाहर की चमड़ी को बाइपेडल PMMC फ्लैप से बनाया गया।
डॉ. जितेंद्र नांगल ने बताया कि बीकानेर में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन हुआ है और ऑपरेशन के पश्चात मरीज बिल्कुल स्वस्थ है। कान, नाक व गले के कैंसर के ऑपरेशन उनके द्वारा नियमित तौर पर सफलता पूर्वक किए जा रहे हैं तथा जबड़े के ऑपरेशन के पश्चात रीकॉन टाइटेनियम प्लेट से रिकंस्ट्रक्शन किया जा रहा है। पूरे देश भर से कैंसर के मरीज ऊमादेवी भतमाल मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में नियमित तौर पर अपना सफल व सुलभ इलाज करवाने आते रहते हैं।
इस सफल ऑपरेशन की कामयाब टीम में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. जितेंद्र नांगल के साथ-साथ असिस्टेंट सर्जन डॉ. भवानी सिंह राठौड़, डॉ. भानुप्रिया (एनेस्थेटिस्ट) व नर्सिंग टीम के शोभा, मनवर, सौरभ तथा राकेश शामिल थे।

