डॉ. गौरव गुप्ता ने किया 164वां सफल कॉक्लियर इंप्लांट, जानिए ये होता क्या है? - Khulasa Online

डॉ. गौरव गुप्ता ने किया 164वां सफल कॉक्लियर इंप्लांट, जानिए ये होता क्या है?

खुलासा न्यूज बीकानेर। जिन रोगियों को सुनाई नहीं देता, मशीन लगाने के बाद भी सुनाई नहीं दे रहा हैं, उन्हें बीकानेर में ही कॉक्लियर इंप्लांट सर्जरी के माध्यम से सुनने की क्षमता दी जाएगी। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में इस तरह की सर्जरी के लिए इंटरनेशनल मानदंडों पर आधारित ऑपरेशन थिएटर तैयार हो गया है। ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर गौरव गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी सेंटर पर मॉड्यूलर ओटी में कॉक्लियर इंप्लांट के लिए मॉडर्न इक्विपमेंट लगाए हैं। संभवतया इस प्रकार का डेडिकेटेड कॉक्लियर इंप्लांट मॉड्यूलर ओटी देश का पहला इंप्लांट ओटी होगा, जिसमें मरीज की सर्जरी के दौरान सुरक्षा के लिए आधुनिक उपकरणों को उपलब्ध है। इसके अंतर्गत एडवांस नर्व मॉनिटर सिस्टम शामिल है, जिससे ऑपरेशन के दौरान मरीज की फेशियल नर्व को बचाया जाता है। एसएसबी अधीक्षक डॉ. गिरिश प्रभाकर ने बताया कि ओटी में लेमिनर ऐयर फ्लो होता है इसके तहत ओटी का वातावरण कीटाणु रहित रहता है, इस ओटी की दीवार एवं फर्श पर भी कीटाणु नहीं रहते। फर्श को भी करंट से प्रूफ किया गया है। ओटी में एचडी कैमरे लगे हैं।

जहां ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग की सुविधा होगी। ऑपरेशन के दौरान भी एचडी मॉनिटर के माध्यम से लाइव डिस्प्ले देखा जा सकताा है। ओटी में एनिस्थिसिया के न्युरोमस्क्युलर एवं ब्रेन की मॉनिटरिंग की सुविधा भी है। सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं नियंत्रक डॉक्टर गुंजन सोनी ने गुरुवार को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में ऑपरेशन थिएटर की शुरुआत की।

 

164वां सफल कॉक्लियर इंप्लांट

 

डॉ.गौरव गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को इसी ओटी में पौने चार वर्ष के बच्चे का सफल कॉक्लियर इंप्लांट मुख्यमंत्री चिंरजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नि:शुल्क किया गया है। इस ऑपरेशन के दौरान मरीज के बेहोशी के लेवल का परीक्षण ब्रेन एंट्रोपी द्वारा किया गया।

 

क्या होता है कॉक्लियर इंप्लांट

 

कॉक्लियर इंप्लांट एक छोटा, परिष्कृत (जटिल) इलेक्ट्रोनिक मेडिकल उपकरण है जो कान से कम सुनाई देने से पीडि़त लोगों की मदद करता है। यह लोगों को गंभीर संवेदी बहरापन या सेंसरीन्यूरल बहरापन की स्थिति में आवाज़ को सुनने में मदद करता है। इस उपकरण के उपयोग की सलाह आमतौर पर तब दी जाती है जब पारंपरिक कान की मशीन लाभ नहीं देती है। चूंकि लोग इस तकनीक से परिचित नहीं हैं, आइए हम बताते हैं कि कॉक्लियर इंप्लांट क्या है और कैसे काम करता है।

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