खुलासा पड़ताल : बीकानेर में बंद दुकानों से धड़ल्ले से हो रही है शराब की बिक्री, ठेके कैसे उठेंगे ? आखिर किसकी शह - Khulasa Online

खुलासा पड़ताल : बीकानेर में बंद दुकानों से धड़ल्ले से हो रही है शराब की बिक्री, ठेके कैसे उठेंगे ? आखिर किसकी शह

-संपादक कुशालसिंह मेड़तिया की विशेष रिपोर्ट

खुलासा न्यूज, बीकानेर। बीकानेर में कुछ शराब ठेकेदारों की चांदी हो रही है। राज्य सरकार को  राजस्व का बड़ा घाटा हो रहा है।  जिले में नाम मात्र की दुकान नवीनीकृत हुई लेकिन बंद दुकानों में शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। आखिर बिना लाइसेंस फीस के दुकानें संचालित हो तो ठेके कैसे उठेंगे ? सवाल उठता है कि आखिर किसी शह पर बिना लाईसेंसी दुकानों में शराब बेची जा रही है ?

खुलासा पड़ताल में सामने आया कि बीकानेर में लालगढ़ होस्पीटल रोड़, रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र की पांच नंबर रोड़, मॉर्डन मार्केट, सादुल सर्किल और बीछवाल रोड़ इलाकों शहरी इलाकों में ऐसी कई दुकानें है जिनका ना तो लाईसेंस नवीनीकरण कराया गया और ना ही नीलामी है। इसे बावजूद दुकानों के संचालक इन दुकानों पर शराब की बिक्री में लगे हुए है। इससे आबकारी विभाग को हर रोज लाखों रूपये का फटका लग रहा है। बता दें कि बीकानेर जिले में आबकारी विभाग की कुल 226 शराब की दुकानें है, इनमें से 86 दुकानों को लाईसेंस नवीनीकरण हो चुका और करीब 23 दुकानें ई- नीलामी प्रक्रिया के तहत बिक चुकी है। शेष बची शराब की 117 रही है।

बिना लाईसेंस शराब बेचना गैर कानूनी, आखिर क्यों मौन है आबकारी अधिकारी आबकारी नीति के तहत बिना लाईसेंस शराब बेचना गैर कानूनी और आबकारी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है लेकिन फिर भी बीकानेर में सैंकड़ो गैर लाईसेंसी दुकानों पर बीते कई दिनों से शराब की बिक्री चल रही है। इसे लेकर जिला आबकारी अधिकारी और निरीक्षकों को तौर जानकारी होने के बावजूद वह कार्यवाही में नाकामी बनी हुई है। बिना लाइसेंस शराब बेचने वालों पर कोई किसी तरह की कार्यवाही न करने से आबकारी अधिकारी सवालों के कटघरे में है। आखिर आबकारी अधिकारी क्यों मौन है ?

लाइसेंसधारियों को हो रहा है भारी नुकसान जिले के शहरी इलाकों में दर्जनों ऐसी शराब की दुकानें है जिनका ना तो लाईसेंस नवीनीकरण हुआ और ना ही नीलामी । इसके बावजूद इन दुकानों पर बीते चार दिनों से शराब की बिक्री चल रही है। बिना लाईसेंस अवैध रूप से बिक रही शराब के कारण उन ठेकेदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है जिन्होने शहरी इलाके में करोड़ो रूपये दंाव पर लगाकर अपनी दुकानों के लाईसेंस नवीनीकरण कराये है।

error: Content is protected !!
Join Whatsapp