कोरोनाः स्कूल काँलेजो के लिए आ रही बडी खबर

जयपुर: राजस्थान में कोरोना के मामलों में अचानक बढ़ोतरी से सरकार की चिंता बढ़ गई है. ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे के बीच राजधानी जयपुर में स्थिति विस्फोटक होती जा रही है. यहां कोविड के नए मामले रोजाना डबल हो रहे हैं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की. इसमें मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सीएम गहलोत को स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थान तुरंत बंद करने का सुझाव दिया. मंत्री खाचरियावास ने कहा कि स्कूलों में 2 जनवरी तक सर्दी की छुट्टियां हैं. मगर 3 जनवरी से फिर से स्कूल खुल जाएंगे. इससे बच्चों में कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा है. सरकार को तुरंत स्कूल बंद करने का आदेश जारी करना चाहिए. क्योंकि स्कूल-कॉलेज बंद होने से लोगों में दहशत फैलेगी और तभी वे कोविड प्रोटोकॉल का सही से पालन करेंगे खाचरियावास ने कहा कि सरकार भले ही स्कूल-कॉलेजों को 7 दिन के लिए बंद करे. इससे लोगों को पता चलेगा कि सरकार ओमिक्रॉन वैरिएंट की रोकथाम के लिए कितनी गंभीर है. स्कूल खुले होने से रोजाना सुबह बसों और ऑटो में बच्चे भरकर जाते हैं. ये काफी गंभीर विषय है. जयपुर ग्रेटर नगर निगम की मेयर शील धाभाई ने भी शिक्षण संस्थानों को कम से कम 15 दिन के लिए बंद करने का सुझाव दिया. इसके बाद सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना के हालात बिगड़ने से रोकना है, तो थोड़ी कढ़ाई करनी ही पड़ेगी. अगर स्कूल बंद करते हैं और दोबारा जब खुलेंगे तो उनके अभिभावकों का वैक्सीनेशन अनिवार्य करना चाहिए. माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द ही स्कूल-कॉलेजों को फिर से बंद करने का आदेश दे सकते हैं. जयपुर में सैंपलिंग कम होने से मुख्यमंत्री नाराज सीएम अशोक गहलोत ने बैठक में जयपुर के अंदर कोरोना सैंपलिंग कम होने पर नाराजगी जाहिर की. उन्होंने कहा कि अगर 15 दिन पहले जयपुर में बड़े पैमाने पर सैंपलिंग होती, तो अभी स्थिति कंट्रोल में होती. सीएम गहलोत ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन समेत अन्य अधिकारियों को जयपुर में सैंपलिंग तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अगर कोरोना का ट्रेंड नहीं रोका गया, तो भविष्य में हालात बुरे हो सकते हैं.
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