टिप्पणी: बीकानेर शहर अब नही रहा सुरक्षित, कहां से आ रहे है हथियार, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान

शिव भादाणी पिछले काफी साल के बाद अगर देखा जाये तो शहर बीकाण जो काशी के नाम से प्रसिद्ध है जहां धर्मपारायण लोग रहते है। लेकिन बीत पांच सात सालों से बीकानेर शहर में अपराध का जो ग्राफ बढ़ा है उसको देखते हुए अब बीकानेर शहर सुरक्षित नहीं है पहले महिलाएं व बालिकाएं देर रात तक शहर की गलियों में बिना किसी डर से घुम सकती थी लेकिन अब तो पुरुष भी सुरक्षित नहीं है। इस शहर में अब लूटेरे, बदमाशों ने अपना ठिकाना बना लिया है जो पुलिस के डर से काफी दूर है उनको ऐसा कोई डर नहीं है कि वह पुलिस के हत्थे चढ़ जायेगें या नहीं। हर छोटी से बात पर तुरंत पिस्तौल निकलती है और बिना सोचे समझे फायर हो रहे है सबसे बड़ी बात यह है कि बीकानेर शहर में हथियार कहां से आ रहे है इसके पीछे सरगना कौन है जो बाहर से हथियार लाकर इन लोगों तक पहुंचते है। शहर के कई ऐसे इलाके है जहां हथियारों का जखीरा मिल जाये और हर एक व्यक्ति के पास हथियार मिल सकता है। अब तो बीकाणा के यह हालात हो गये कि अगर आप रात को अकेले सुन-सान सड़क से जा रहे हो तो आपको सावधान होने पड़ेगा पता नहीं कब लूटेरे दस्तक दे दे और आप पर चाकू व अन्य कोई हथियार से हमला कर आपको नुकसान पहुंचा सकते है। ऐसे मामले प्राय देखने को मिलते है कि कोई व्यक्ति रात को अपने काम से देर रात को जा रहा है और उसके रास्ते में वाहन पर कुछ शराबी किस्म के लोग मिलते है उसको रोकते है और छीना झपटी कर उसको घायल कर भाग जाते है लेकिन वो लोगों पुलिस की पकड़ से दूर है आज हम 21वीं शताब्दी में जी रहे है हर चीज हाईटेक है तो शहर के मुख्य मार्गों पर लगने वाले सीसीटीवी कैमरों में उन अपराधियों की रिकॉर्डगी क्यों नहीं हो रही है। शहर में बढता जुआ सट्टा, सुदखोरों का आंतक, नशा जिस तरह से आज के युवा पीढी में चढ़ा है जिससे लगता है आने वाले दिनों में हम अपराध के लिए यूपी बिहार व अन्य राज्यों की बात करने की आवश्यकता नही पड़ेगी बीकानेर में ऐसे अपराध आये दिन होंगे अभी दो दिन पहले ही कुछ लोगों ने एक युवक के घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाई कि शुक्रवार शाम शहर के व्यवस्त इलाके कुचीलपुरा में कुछ युवकों ने एक युवक गोली चला दी जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया यह तो गनीमत रही कि वह बच गया नहीं तो किसी घर का चिराग बुझ जाता। अपराध का मुख्य कारण शहर के कई ऐसे क्षेत्र है जहां देर रात तक दुकानें खुली रहती है जहां पर नाम तो चाय का लेकिन उन दुकानों पर नशे से लेकर हथियार तक मिलते है गांजा, चरस, शराब, पिस्तौल तक मिल सकती है जहां देर रात बैठे बदमाश किस्म के लोग पहले नशा करते है फिर कोई बड़ी वारदात करने निकल जाते है। शहर के नयाशहर थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा दुकानें खुली रहती है जो सुबह चार बजे तक खुली रहती है पुलिस की गश्त टीम भी इन दुकानों पर देर रात अपनी गाड़ी खड़ी करके अपनी गश्त पूरी करते नजर आती है। आखिर कब रुकेगे अपराध आखिर इस शहर में होने वाले अपराधों को कौन रोकेगा जिससे आये दिन दहशत फैल रही है इस अपराध की दुनियां में युवा लड़के शामिल है जो नशे व जुआ सट्टा आदि कार्यों में शामिल होते है सबसा बड़ा कारण है शहर में कुछ लोग ऐसे भी है जो मोटे ब्याज पर युवाओं को पैसे देते है बाद में यह पैसे समय पर नहीं मिलने पर मारपीट या हत्या तक कर डालते है।

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