मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किए तीन बड़े फैसले - Khulasa Online

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किए तीन बड़े फैसले

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज तीन बड़े फैसले किए. पहला फैसला अधिक बारिश से प्रभावित किसानों को राहत से जुड़ा है, तो दूसरा फैसला असंगठित क्षेत्र के व्यापारियों के लिए. सीएम ने गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर अनुदान देने का निर्देश दे दिया, वहीं इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना का भी अनुमोदन कर दिया. एक अन्य फैसले में सीएम ने अनुकम्पा नियुक्ति के 38 प्रकरणों में शिथिलता दी है. किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए अहम फैसला: प्रदेश में हाल ही कई जिलों में हुई तेज बारिश के चलते किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए सीएम गहलोत ने अहम फैसला कर लिया है. राज्य सरकार ने प्रदेश के 11 जिलों के 85 गांवों को अभावग्रस्त घोषित किया है. रबी फसल में ओलावृष्टि से 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबा होने की गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला हुआ है. अब मुख्यमंत्री गहलोत ने खराबे से प्रभावित इन 85 गांवों को अधिसूचित कर प्रभावित किसानों को कृषि आदान-अनुदान देने के लिए जारी की जाने वाली अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है. जिला कलेक्टरों से प्राप्त नियमित एवं विशेष गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर झुंझुनूं जिले के 28, हनुमानगढ़ के 19, भरतपुर के 9, कोटा के 8, सवाईमाधोपुर के 6, टोंक एवं बीकानेर के 4-4, चूरू, चित्तौड़गढ़ एवं बाड़मेर के 2-2 तथा अलवर जिले के एक गांव को अभावग्रस्त घोषित किया गया है. राज्य सरकार का बड़ा फैसला: -प्रदेश के 11 जिलों के 85 गांवों को अभावग्रस्त घोषित -झुंझुनूं जिले के 28, हनुमानगढ़ के 19, भरतपुर के 9 गांव -कोटा के 8, सवाईमाधोपुर के 6, टोंक एवं बीकानेर के 4-4 गांव अभाव ग्रस्त घोषित -चूरू, चित्तौड़गढ़ एवं बाड़मेर के 2-2 गांव चिन्हित -अलवर जिले के एक गांव को अभावग्रस्त घोषित किया इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना-2021 के प्रारूप का अनुमोदन: मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्र के स्ट्रीट वेण्डर्स तथा सर्विस सेक्टर के युवाओं एवं बेरोजगारों को स्वरोजगार तथा रोजमर्रा की जरूरतों के लिए बड़ा कदम उठाया है. सीएम गहलोत ने इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना-2021 के प्रारूप का अनुमोदन कर दिया है. गहलोत ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के दृष्टिगत शहरी क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार तथा रोजमर्रा की जरूरतों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए बजट में इस योजना को लागू करने की घोषणा की थी. 50 हजार रूपए तक का ब्याज मुक्त लोन: योजना का लक्ष्य स्ट्रीट वेण्डर्स, हेयर ड्रेसर, रिक्शा वाला, खाती, कुम्हार, मोची, मिस्त्री, दर्जी, धोबी, रंगाई-पुताई वाले, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर सहित असंगठित क्षेत्र के अन्य लोगों एवं बेरोजगार युवाओं को रोजगार के जोड़ने के लिए आर्थिक रूप से संबल प्रदान करना है. इसके तहत लाभार्थी को बिना किसी गारंटी के 50 हजार रूपए तक का ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराया जाएगा. योजना का लाभ नगरपालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम की सीमा में रह रहे 5 लाख लाभार्थियों को प्रदान किया जाएगा. यह योजना एक वर्ष के लिए लागू रहेगी और 31 मार्च, 2022 तक नए लोन स्वीकृत किए जा सकेंगे. लोन के मोरेटोरियम की अवधि 3 महीने तथा लोन चुकाने की अवधि 12 महीने होगी. इन्दिरा गांधी शहरी क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत: -शहरों में असंगठित क्षेत्र के व्यवसायियों को मिलेगा आर्थिक संबल -बिना किसी गारंटी के 50 हजार रूपए तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा -योजना का लाभ नगरपालिका, नगर परिषद एवं नगर निगम की सीमा में रह रहे 5 लाख लाभार्थियों को मिलेगा -यह योजना एक वर्ष के लिए लागू रहेगी -31 मार्च, 2022 तक नए लोन स्वीकृत किए जा सकेंगे -लोन के मोरेटोरियम की अवधि 3 महीने होगी -लोन को 12 महीने में चुकाना होगा

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