छह स्थानों पर टूटी नहर, बर्बादी का मंजर

बीकानेर/ तेज आंधी तथा इन नहरों में केली की मात्रा अधिक होने के कारण उत्पन्न अवरोध तथा पानी के दबाव को नहरें सहन नहीं कर पाई। जिसके कारण पूगल क्षेत्र की तीन नहरों में अलग-अलग छह स्थानों से टूट गई। बताया जा रहा है आंधी के कारण नहर के किनारे उगे पेड़ टूटकर नहर में गिर गये जिससे पानी आगे नहीं जा सका और नहर टूट गई। इस बार भी एक माह से अधिक समय की लम्बी अवधि तक नहरबंदी के दौरान विभाग ने इन नहरों की मरम्मत करवाना तो दूर इसमें आई सिल्ट निकालने तथा नहरों के दोनों ओर खड़े पेड़ों की छंटाई करवाने का प्रयास तक नहीं किया। जिसके कारण इन नहरों में जगह-जगह टूटे पेड़ों व आई सिल्ट के कारण अवरोध उत्पन्न हो गए है और पुरानी व जर्जर हो चुकी नहरे पानी के दबाव को सहन नहीं कर पा रही है। जिसके कारण नहरे जगह-जगह से टूट रही है। यह पहली बार नहीं हुआ है कि पूगल ब्रांच की तीन नहरों में अलग-अलग स्थानों पर छह जगह कटाव आया है। दिलचस्प बात तो ये है कि नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के चौबीस घंटे बाद भी नहरों में आए कटाव के दुरस्तीकरण का काम शुरू नहीं हो पाया।ेंपूगल ब्रांच की बीएलडी नहर आरडी 77 पर टूट गई। जहां पर लगभग 300 फीट का कटाव आ गया। इसी नहर की आरडी 51 पर भी लगभग इनता ही बड़ा कटाव आने के समाचार मिले है। जबकि इसी नहर की 65 आडी पर 18 फीट, इसी नहर की आरडी 71 पर 40 फीट का कटाव आ गया। जिसके कारण अंतिम छोर पर पानी नहीं पहुंच पाया। इसी प्रकार से केएचएम नहर की आरडी एक पर लगभग 30 फीट का कटाव आने के कारण गांव स्थित हैड 66 आबादी क्षेत्र में पानी घुसने लगा। पीकेडी नहर में भी आरडी 70 पर लगभग 18 फीट का कटाव आने की सूचना मिली है। इंदिरा गांधी नहर से जुड़ी पूगल क्षेत्र की तीन नहरों में एक ही दिन में छह स्थानों पर पानी की दबाव सहन नहीं करने से आए कटाव के बाद हर तरफ बर्बादी का मंजर देखने को मिला। जहां एक ओर इन नहरों में कटाव आने की वजह से नहर का पानी व्यर्थ बह गया तो दूसरी ओर आसपास के ख्ेातों व ढाणियों में पानी घुसने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। यहीं नहीं अंतिम छोर के किसानों की पानी की बारी पिट गई। जबकि वर्तमान में नहरी क्षेत्र में खड़ी फसलों की बढ़वार को लेकर सिंचाई पानी की इन दिनों सख्त जरूरत महसूस की जा रही है। किसानों ने जताया विरोध दूसरी ओर बिना अनुमति के नहर से सीधे पाइपलाइन से डिग्गी को जोडऩे पर खाजूवाला के चक 20 बीडी क्षेत्र के किसानों ने आपत्ति व विरोध दर्ज करवाते हुए इसकी शिकायत उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देकर की है। इन काश्तकारों ने बताया कि उनके खेतों में 18-19 घंटे सिंचाई की पानी की बारी बंधी हुई है। सीधे पाइपलाइन से जोडऩे से उनकी जलापूर्ति प्रभावित होगी।
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