विधेयक पारित, ग्राम सेवकों का नाम होगा ग्राम विकास अधिकारी

जयपुर: आज विधानसभा में राजस्थान पंचायती राज संशोधन विधेयक पारित हुआ. इसके साथ ही अब ग्राम सेवकों का नाम होगा ग्राम विकास अधिकारी . विपक्ष ने नाम बदलाव पर प्रहार किए.राजस्थान सरकार ने आज बड़ा फैसला कर दिया और ग्राम सेवकों के सम्मान में नाम में बदलाव कर दिया .राजस्थान पंचायती राज संशोधन विधेयक पारित हुआ. संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने सदन में कहा कि ग्राम सेवक में ही ग्राम सेविका और ग्रामसेवक दोनों ही आते हैं,महिला भी ग्राम विकास अधिकारी कहलाएगी,ग्राम सेवक में भी महिलाओं को आरक्षण का प्रावधान है,ग्राम सेवक की पहली पदोन्नति सहायक विकास अधिकारी के तौर पर होती है और दूसरी अतिरिक्त विकास अधिकारी की होती है,11341 ग्राम पंचायत हैं 34 ग्राम पंचायत नगर पालिका बन गई,3896 पद आज भी रिक्त हैं ग्रामसेवकों के कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है पदों को भरने के लिए.ग्राम सेवक इतने समय से काम कर रहे हैं उनको विकास अधिकारी कहने में क्या हर्ज है आजकल तो चलता फिरता आदमी अधिकारी हो रहा है तो इन्हें अधिकारी कहने में क्या हर्ज है ? नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि क्या नाम परिवर्तन करने से उद्धार हो जाएगा क्या ? ग्राम सेवक को ग्राम पंचायत अधिकारी बना रहे हो उनकी योग्यता क्या है ? सरकार को योग्यता की दृष्टि पर भी विचार करना चाहिए. हमने हमारी सरकार में 5 विभाग पंचायती राज को दिए थे. पता नहीं क्या प्रेशर था कि नाम बदला जा रहा है पद खाली है भरे कितने गए हैं ?पंचायत राज को मज़बूत किया जा रहा है या कमज़ोर किया जा रहा है ? उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि विचार करे फिर से सरकार इस संशोधन पर. पंचायत राज संस्थानों की प्रणाली को मटियामेट करने की कोशिश की जा रही है.आप राजीव गांधी के सपनो को चकनाचूर कर रहे हैं आपकी शिकायत पहुंचेगी याद रखना. सीपी जोशी से चुटकी भी ली राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि मैं आपको आधुनिक युग का संजय मानता हूं आप दूर दृष्टि से सब कुछ जान लेते हैं.इस विधेयक पर चर्चा के दौरान दिग्गजो के बीच चुटकियों का दौर भी चले . रूपाराम मुरावतिया ने नाम बदलने को लेकर सुराग अली, छेदीलाल ,खड्डा सिंह और मिस्टर होल की कहानी सुनाई दी .
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