बीकानेर : महिला सरपंच बोली- चाहे निकले प्राण, पीछे नहीं हटूंगी, देखें वीडियो

खुलासा न्यूज़, बीकानेर। गहलोत सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कितने भी बड़े दावे कर ले लेकिन धरातल की तस्वीर कुछ और ही बयाँ करती है।ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य सेवाओं का आलम यह है कि छोटी से छोटी मांगो के लिए ग्रामीणों को आमरण अनशन जैसे सख्त कदम उठाने पड़ते है। बीकानेर जिले की श्री डूंगरगढ़ तहसील के ग्राम पंचायत बरजांगसर में उप-स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति की मांग को लेकर महिला सरपंच श्री मती प्रियंका सियाग के नेतृत्व में चिलचिलाती धूप व रेतीली आंधी के बावजूद महिलाएं तीन दिन से लगातार आमरण अनशन पर है।अनशन के तीसरे दिन विधायक कॉमरेड गिरधारी महिया पहुंचे जरूर लेकिन बजट का रोना रोकर पल्ला झाड़ लिया।श्री डूंगरगढ़ एसडीएम सवीना विश्नोई व बीकानेर सीएमएचओ देवेंद्र चौधरी भी अनशन स्थल पर पहुंचे।लेकिन कोई भी अधिकारी अनशनकारियों की मांग पर आधिकारिक जवाब नही दे पाए।दोनों ही अधिकारियों ने मौखिक तौर पर 15 दिन का समय मांगा।लेकिन आमरण अनशन का नेतृत्व कर रही सरपंच प्रियंका सियाग ने स्पस्ट कर दिया कि जबतक प्रशासन आधिकारिक तौर पर भवन निर्माण की लिखित स्वीकृति नही दे देता तबतक अनशन जारी रहेगा। अनशन का समर्थन कर रही बीकानेर पंचायत समिति सदस्या अनुराधा पारीक ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को खूब खरी खोटी सुनाई।सरपंच प्रियंका ने ऐलानिया तेवर में प्रशासन को सख्त जवाब देते हुए कहा कि जब तक घट में प्राण है एक कदम भी पीछे नही हटूंगी।

बरजांगसर तीन दिन से उप स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठी सरपंच प्रियंका सियाग व ग्रामीण महिलाओं की सुध लेने पहुंचे सीएमएचओ देवेंद्र चौधरी व डूंगरगढ़ SDM सवीना बिश्नोई।वार्ता विफल।सरपंच व ग्रामीण लिखित स्वीकृति पर अड़े। https://www.youtube.com/watch?v=eMXfLBWdxpI&feature=youtu.be
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