Bikaner:लूणकरणसर सीएचसी में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन - Khulasa Online

Bikaner:लूणकरणसर सीएचसी में गड़बड़ी को लेकर विरोध प्रदर्शन

खुलासा न्यूज़ लूणकरणसर बीकानेर संवाददाता लोकेश कुमार बोहरा।  लुणकनसर कस्बे के सीएचसी में ग्रामीणों ने जड़ा हॉस्पिटल का ताला। लूणकरणसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक ड्यूटी के समय अस्पताल में नही मिलने पर लूणकरणसर पंचायत समिति सदस्य महिपाल सिंह लूणकरणसर टाइगर फोर्स के तहसील अध्यक्ष राजू कायल और उनकी टीम व ग्रामीणों ने अस्पताल का गेट किया बंद । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली अव्यवस्था को लेकर आखिर जनता का गुस्सा फूटा ओर अस्पताल के मेन गेट बंद कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि काफी महीनों से लगातार चिकित्सक लापरवाही कर रहे है ओपीडी टाइम से एक से डेढ़ घण्टे लेट अस्पताल पहुंचते है और अपने निवास स्थान पर ही मरीज देखते है। मौसमी बीमारियों के चलते आज अस्पताल में मरीजों की संख्या ज्यादा हो गई और एक चिकित्सक ही मरीजों का चेकअप कर रहा था। मरीजों की संख्या को देखते हुए ग्रामीणों ने जब पूछताछ की तो जानकारी मिली के चिकित्सक तीन ओर ओन ड्यूटी है लेकिन वे अभी घर पर ही चेकअप कर रहे है।काफी समय से इसी समस्या से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया सीएचसी को मैन गेट बंद कर दिया।विरोध की सूचना जब चिकित्सकों को हुई तो वे अस्पताल की तरफ भागे । मामले की जानकारी मिलते ही उपखण्ड अधिकारी अशोक कुमार भी मौके पर पहुँचे ओर ग्रामीणों की समस्या सुनी तथा कार्रवाई का आश्वासन दिया तब ग्रामीण माने। काफी समय से अस्पताल की हालत खराब है लेकिन सुनवाई सिर्फ चिकित्सको की ही होती है।

काफी सालों से यह सीएचसी खुद बीमार है और यहाँ इलाज सिर्फ चिकित्सकों के आवास पर ही होता है। ग्रामीणों के अनुसार रात के समय अगर कोई बीमार हो जाये तो यहां का स्टाफ किसी बड़े नेता या पहुँच वाले से फोन नहीं करवाने तक ऑन कॉल डयूटी चिकित्सक को फोन तक नहीं करते है। और मजबूरन बीमार को अन्यंत्र ले जाने पर विवश होना पड़ता है।

रात के एडवांस में रैफर कार्ड पर साइन करके छोड़ते है चिकित्सक रात में आने वाले मरीजों को रात के समय ऑन कॉल ड्यूटी चिकित्सक के आवास पर दिखाना पड़ता है और सवाल जवाब करने पर मरीज का इलाज करने के बजाय पीबीएम रैफर कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय ऑन कॉल डयूटी चिकित्सक एडवांस में रैफर कार्डों पर साइन करके रखते है ताकि मरीजों का इलाज करने के नींद खराब न हो और स्टाफ तुरंत पीबीएम रैफर कर सके।

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