दुष्कर्म परिवाद बना बीकानेर पुलिस महकमें की गलफांस - Khulasa Online

दुष्कर्म परिवाद बना बीकानेर पुलिस महकमें की गलफांस

बीकानेर। अभी अलवर के थानागाजी का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि बीकानेर में एक महिला ने पुलिस के आलाधिकारी पर दुष्कर्म का परिवाद पेश कर लालफीताशाही पर ही सवाल खड़े कर दिए है। महिला की ओर से दो दिन पहले पेश किए गए इस परिवाद ने खाकी महकमे में खलबली मचा दी है और जब यह परिवाद जिला पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंचा तो पुलिस महकमा हकरत में आया। बताया जा रहा है कि सरकार के द्वारा एस पी थाने में परिवाद पेश करने के निर्देशों के बाद पेश हुए इस परिवाद ने खाकी को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है और अब पुलिस के आला अफसर इसके निस्तारण को लेकर हाथ पांव मारने लगे है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस कप्तान ने तीन अहम थानों के थानाधिकारियों को पुलिस पर लगे इस दाग को मिटाने और सच्चाई को सामने लाने का जिम्मा दिया है। सरकार कटघरे में थानों में सुनवाई न होने पर सीधे ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सीधे परिवाद का आदेश देकर सरकार की स्वच्छ कार्यप्रणाली के संकेत दिए थे। लेकिन इन आदेश के तीन दिनों के भीतर ही ऐसा परिवाद पुलिस के सामने आएगा। ऐसा न तो पुलिस महकमें ने सोचा था और न ही सरकार ने। सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद सरकार तक पहुंचे इस प्रकरण को लेकर अब सरकार की संवेदनशीलता पर प्रश्न चिन्ह लग सकते है। संवेदनशील सरकार देने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत क्या ऐसे अधिकारी या इस प्रकरण के बाद चल रहे घटनाक्रम को लेकर गंभीर होंगे। ये सवाल खड़ा हो रहा है। शहर में दिनभर चले इस प्रकरण को लेकर विपक्ष भी सचेत हो गया है और पुलिस के अगले कदम के बाद सरकार को घेरने की तैयारी में है। देखना है कि मुख्यमंत्री बीकानेर की एक महिला की ओर से पेश किये गए इस परिवार को लेकर क्या गंभीरता दिखाते है। बच रहे है पुलिस अधिकारी एक निजी बीमा कंपनी में काम करने वाली महिला के साथ दुष्कर्म का प्रकरण सामने आने के बाद पुलिस के अधिकारी व कप्तान प्रकरण पर बातचीत करने को लेकर बचते नजर आए। जब मीडियाकर्मियों ने इस मामले को लेकर सच्चाई जाननी चाही तो पुलिस थाने व पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी व कार्मिक यह कहकर मामला टालते रहे कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।
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