बीकानेर : आईजी जोस ने सब इंस्पेक्टर व उसकी टीम को किया निलंबित, मुकदमा दर्ज, पढि़ए पूरी खबर - Khulasa Online

बीकानेर : आईजी जोस ने सब इंस्पेक्टर व उसकी टीम को किया निलंबित, मुकदमा दर्ज, पढि़ए पूरी खबर

खुलासा न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर आईजी जोस मोहन के निर्देश पर चुरू एसपी ने एक सब इंस्पेक्टर सहित आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। मामला अफीम मय फॉर्च्यूनर गाड़ी के गबन से जुड़ा है। दरअसल, बीती रात हाइवे मोबाइल ने एक फॉर्च्यूनर गाड़ी रोकी थी, जिसकी तलाशी में अफीम मिली। सूचना पर रतनगढ़ थाने के रात्रि डीओ उप निरीक्षक सुनील कुमार मय जाब्ते मौके पर पहुंचे। सुनील ने गाड़ी व करीब दो किलो अफीम जब्त कर ली, लेकिन पुलिस कंट्रोल रूम को गुमराह करते हुए आरजे जीरो सेवन नंबर की एक स्कॉर्पियो गाड़ी के नाकाबंदी तोड़कर फरार होने की सूचना दी। यह माल और गाड़ी उप निरीक्षक ने अपने साथ कांस्टेबलों के साथ मिलकर अपने कब्जे में रख लिया। वहीं मामले में किसी प्रकार कोई केस बनाना तो दूर रिकॉर्ड तक नहीं बताया। लेकिन चुरू एसपी तेजस्वनी गौतम को अपने गुप्त सूत्रों से सारी वारदात पता चल गई। जिस पर चुरू एसपी ने कार्रवाई करवाते हुए टीम से अफीम जब्त की। हालांकि पुलिसकर्मियों से अभी तक 1 किलो 160 ग्राम अफीम जब्त हुई है। एसपी ने आईजी जोस मोहन को मामले की जानकारी करवाई। आईजी जोस ने स्पष्ट निर्देश देते हुए आरोपियों को तुरंत निलंबित कर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। जिस पर एसपी गौतम ने सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार, कांस्टेबल रोहिताश कुमार, जयराम, माधोसिंह व हाइवे मोबाइल के हैड कांस्टेबल दिनेश व बलवीर तथा कांस्टेबल जयसिंह व मनीष कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच रतनगढ़ सीओ आरपीएस प्यारेलाल को दी है।

आईजी जोस मोहन ने बताया कि पुलिसकर्मियों की अपराधों में संलिप्तता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरोपी पुलिस कर्मियों ने आपराधिक कृत्य किया है। प्रथम दृष्टया अपराध साबित होने पर उन्हें निलंबित किया गया है। वहीं मादक पदार्थ रखने के जुर्म में एनडीपीएस एक्ट के तहत में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं विभागीय कार्रवाई भी जारी रहेगी। आईजी के अनुसार कांस्टेबल जयसिंह 2006 से बर्खास्त था, हाल ही में न्यायालय ने उसे बहाल किया था। वहीं चुरू एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि सब इंस्पेक्टर ने घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी। वहीं कंट्रोल रूम को अधूरे नंबर के साथ ग़लत गाड़ी के फरार होने की बात बताई। जबकि कोई गाड़ी वहां से फरार ही नहीं हुई। मामले में निष्पक्ष जांच होगी।

error: Content is protected !!
Join Whatsapp