
कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने जताई नाराजगी, ये वजह आई सामने




कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने जताई नाराजगी, ये वजह आई सामने
बीकानेर। कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने हॉस्पिटल में डॉक्टरों के समय पर नहीं बैठने और जरूरी चिकित्सा सेवाओं में लगातार हो रही अनदेखी पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज और पीबीएम अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि अगले एक महीने के भीतर हालात बदले हुए दिखाई देंगे। मंत्री ने कहा कि हर डॉक्टर की ओपीडी तय होनी चाहिए और अस्पताल परिसर में साफ लिखा होना चाहिए कि कौन सा डॉक्टर कब बैठेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही जगह-जगह स्पष्ट लिखा जाएगा कि किस सीनियर डॉक्टर का कब आउटडोर है। दरअसल, मंत्री शनिवार को बीकानेर में थे। उन्होंने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा द्वारा पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया को लेकर की गई टिप्पणी पर भी मंत्री गोदारा ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि बिना पूरी जानकारी के किसी अधिकारी पर टिप्पणी करना गलत है। सिस्टम का काम अधिकारियों और डॉक्टरों का मनोबल तोड़ना नहीं, बल्कि हौसला बढ़ाना होना चाहिए। उन्होंने चेताया कि संभागीय आयुक्त भी सरकार का हिस्सा हैं और उनका हर बयान सरकार की छवि से जुड़ा होता है, इसलिए बोलने से पहले उन्हें 2 बार सोचना चाहिए।
डॉक्टर समय पर नहीं आते, मरीज भुगत रहे हैं
उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते है। न्यूरोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एंडोक्रिनोलॉजी जैसे विभागों में डॉक्टर नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं। इसका खामियाजा सीधे मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जो इलाज के लिए घंटों भटकने को मजबूर हैं। ऐसे में अस्पताल प्रशासन इसमें शीघ्र सुधार करें। गोदारा ने कहा कि आपात स्थिति में आते हैं, तो सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी जांचें 24 घंटे उपलब्ध होनी चाहिए। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ट्रॉमा सेंटर में न्यूरो सर्जरी के लिए तीन नए पद सृजित करने की मांग लंबे समय से लंबित है। इस पर भी काम किया जा रहा है।




