
बीकानेर : छात्र-छात्राओं का भविष्य खतरे में, सरकार पर लापरवाही का आरोप




बीकानेर। बीकानेर के राजकीय विधि महाविद्यालय की मान्यता ने जिले भर के सैकड़ों विधि छात्र-छात्राओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। आमतौर पर होने वाले समय चार माह की देरी होने के बावजूद अभी तक एडमिशन को लेकर कोई प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि जिले में तीन विधि महाविद्यालय है जिसमें सबसे बड़ा राजकीय विधि महाविद्यालय माना जाता है, जोकि राजकीय डूंगर कॉलेज परिसर में है, इसके अलावा रामपुरिया व ज्ञान विधि भी हैं जहां एडमिशन होकर सत्र भी शुरू हो चुके। ऐसे में राजकीय विधि महाविद्यालय के विद्यार्थियों में भारी रोष है। सूत्रों के मुताबिक इस सबसे बड़े विधि महाविद्यालय को अभी तक मान्यता प्राप्त नहीं है। इसी वजह से एडमिशन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। आरोप है कि लगातार ऊपर तक शिकायतें करने की कोशिश की गई है लेकिन महाविद्यालय प्रशासन से लेकर सरकार तक कोई भी इस गंभीर मुद्दे के प्रति संजीदा नहीं है। ऐसे में इन विद्यार्थियों का भविष्य भगवान भरोसे है। इस मुद्दे को लेकर आज छात्र संघ अध्यक्ष सूर्यप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन प्राचार्य को सौंपा है। इस दौरान महासचिव चेतना ओझा, सचिव कीर्ति सोलंकी, राजेश बुड़ानिया, राम गोदारा, नरेंद्र पांडे, साहिन खान, शशांक डूडी, पीयूष जांगिड़, भूराराम चौधरी, विद्या भाटी, किट्टू शर्मा, प्रेम पारीक, प्रियंका विश्रोई, राजाबाबू आदि उपस्थित रहे।




