बीकानेर/ नई भूमिका में नजर आएगी कांग्रेस सेवादल, कौनसा प्रत्याशी जिताऊ है, इसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे - Khulasa Online

बीकानेर/ नई भूमिका में नजर आएगी कांग्रेस सेवादल, कौनसा प्रत्याशी जिताऊ है, इसकी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे

खुलासा न्यूज, बीकानेर।  कांग्रेस के सबसे अनुशासित संगठन के रूप में मशहूर कांग्रेस सेवादल का लगातार नया रूप देखने को मिल रहा है. केंद्र के तीन कृषि कानूनों के विरोध में जहां कांग्रेस सेवादल ने पूरे प्रदेश में किसान संघर्ष यात्रा निकाली थी तो अब कांग्रेस सेवादल को साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तैयार किया जा रहा है. लगातार हार रही सीटों पर सेवादल टास्क संभालेगा. साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सेवादल नई भूमिका में नजर आएगी. उच्च स्तर पर चल रही चर्चाओं के मुताबिक कांग्रेस सेवादल विधानसभा चुनाव में बड़ी भूमिका में नजर आएगी, जहां कांग्रेस सेवादल को विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने का टास्क दिया जाएगा. सूत्रों की माने तो विधानसभा चुनाव से तकरीबन 6 माह पहले कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं को उन विधानसभा सीटों पर जीत दिलाने का टास्क दिया जाएगा जहां पर पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है. --- चुनावों में कैसे काम करेगा सेवादल ---  कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ताओं को 25- 25 कार्यकर्ताओं की टीम बनाकर इन विधानसभा सीटों पर भेजा जाएगा 90 दिनों तक उन विधानसभा क्षेत्र में रहकर ही कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता घर घर जाएंगे जनता से कांग्रेस के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे साथ ही गांव-ढाणियों में भी गहलोत सरकार के कामकाज की जानकारी जनता को देंगे 52 सीटें ऐसी हैं जहां कांग्रेस को लगातार तीन बार से हार का सामना करना पड़ रहा इन 52 सीटों में से 25 सीटों का टास्क सेवादल को दिया जाएगा

बीकानेर पूर्व सहित इन 52 सीटों पर राजस्थान कांग्रेस को लगातार तीन बार से हार मिल रही है

ये है श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, भादरा, बीकानेर पूर्व, रतनगढ़, उदयपुरवाटी, खंडेला, शाहपुरा, फुलेरा, विद्याधर नगर, मालवीय नगर, सांगानेर, बस्सी, किशनगढ़ बास, बहरोड, थानागाजी, अलवर शहर, नगर, नदबई, धौलपुर, महवा, गंगापुर, मालपुरा, अजमेर नॉर्थ, अजमेर साउथ, ब्यावर, नागौर, खींवसर, मेड़ता, जैतारण, सोजत, पाली, मारवाड़ जंक्शन, बाली, भोपालगढ़, सूरसागर, सिवाना, भीनमाल, सिरोही, रेवदर, उदयपुर, घाटोल, कुशलगढ़, राजसमंद, आसींद, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा साउथ, लाडपुरा, रामगंज मंडी, झालरापाटन और खानपुर. कांग्रेस सेवादल के कार्यकर्ता टिकट के दावेदारों को लेकर भी आमजन और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेंगे. कौनसा प्रत्याशी जिताऊ रहेगा, इसकी रिपोर्ट भी प्रदेश कांग्रेस को सौंपेंगे.इससे पहले 2018 में विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस सेवा दल को एआईसीसी की ओर से उन 20 सीटों का टास्क मिला था जहां पार्टी को लगातार तीन बार से हार का सामना करना पड़ रहा था 20 मई से कांग्रेस सेवा दल ने 11 सीटों पर जीत दिलाने में अपना योगदान दिया था.कांग्रेस सेवादल को अनुशासन संगठन के रूप में माना जाता है.  AICC के निर्देशों के अनुसार गुजरात के साबरमती से दिल्ली के राजघाट तक निकल रही  आजादी की गौरव यात्रा की अगुवाई भी सेवादल का रहा.
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