
बडी खबर: बोर्ड परीक्षा से पहले शिक्षा विभाग में 100 से ज्यादा प्रिंसिपल के तबादले




बडी खबर: बोर्ड परीक्षा से पहले शिक्षा विभाग में 100 से ज्यादा प्रिंसिपल के तबादले
बीकानेर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं क्लास के फाइनल एग्जाम 12 फरवरी से शुरू होने वाले है, इससे ठीक एक महीने पहले शिक्षा विभाग ने सौ से ज्यादा प्रिंसिपल के ट्रांसफर कर दिए हैं और करीब इतने ही प्रिंसिपल की लिस्ट अभी आनी शेष है। करीब दो महीने पहले हुए ट्रांसफर के बाद सिफारिश के दम पर कई शिक्षकों ने अपना तबादला कैंसिल करवा लिया है, वहीं कई प्रिंसिपल को शिकायत के आधार पर इधर-उधर किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी ये लिस्ट भी करीब एक महीने पहले ही शिक्षा निदेशालय से जयपुर सचिवालय पहुंच गई थी। इसके बाद 5 जनवरी को सचिवालय ने निदेशालय को ट्रांसफर की स्वीकृति दी। मंगलवार को निदेशक ने इस आशय की लिस्ट को जारी कर दिया। ये 2 लिस्ट है। एक में 39 प्रिंसिपल के नाम है, जबकि दूसरी लिस्ट में 78 प्रिंसिपल को इधर से उधर किया गया है। हालांकि इन 117 प्रिंसिपल के बाद भी बड़ी संख्या में प्रिंसिपल अपने ट्रांसफर की कवायद में जुटे हुए हैं।
एक से दूसरे जिले में ट्रांसफर
लिस्ट की खास बात ये है कि इसमें 50 फीसदी से ज्यादा ट्रांसफर तो एक से दूसरे जिले में ही किए गए हैं। वहीं अधिकांश के ट्रांसफर उनके आवेदन पर हुए हैं, ऐसे में उन्हें टीए और डीए देय नहीं होगा। वहीं कुछ को ट्रांसफर होने पर टीए और डीए देय है, यानी उन्होंने ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में ऐसे अधिकारियों को बीच सत्र में स्कूल छोडक़र अन्यत्र जाना पड़ा है।
रिटायरमेंट पोस्ट पर एडवांस ट्रांसफर
जानकारी के अनुसार, जो प्रिंसिपल 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं, उनकी पोस्ट पर एडवांस में ही दूसरे प्रिंसिपल का ट्रांसफर कर दिया गया है। ऐसे ट्रांसफर के आगे आदेश एक फरवरी से प्रभावी होने का रिमार्क लिखा गया है। ऐसे 5 से ज्यादा प्रिंसिपल के ट्रांसफर हैं।
सारा काम जयपुर, बीकानेर में सिर्फ हस्ताक्षर
ट्रांसफर का सारा काम जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से हुआ है, जबकि बीकानेर ये फाइल सिर्फ हस्ताक्षर के लिए ही आई। निदेशालय स्तर पर सिर्फ ये देखा गया कि लिस्ट में कोई खामी तो नहीं है। इस बार भी संबंधित अनुभाग से सिर्फ लिस्ट चैक ही करवाई गई। निदेशालय ने भी आदेश में साफ लिखा है कि राज्य सरकार से मिले पत्र के आधार पर ट्रांसफर किया जा रहा है।




