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जयपुर। राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल का काउंटडाउन शुरू हो गया है. आलाकमान से जुड़े सूत्रों ने इसके स्पष्ट संकेत दिए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आलाकमान के स्तर पर सब कुछ फाइनल हो चुका है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं सचिन पायलट सहित सभी पक्षों से विचार-विमर्श भी पूरा हो चुका है. मंत्रिमंडल के किस खेमे में कितने लोग रहेंगे ये भी तय हो चुका है.
ऐसे में अब राजस्थान फॉर्मूले की किसी भी वक्त घोषणा संभव है. इस सारे माहौल में राजनीतिक प्रेक्षक एक ही सवाल पूछ रहे हैं? यदि सबकुछ फाइनल है तो फिर पैकेज की घोषणा क्यों नहीं हो रही है? आलाकमान शायद किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार कर रहा है. आलाकमान अभी तक पंजाब में व्यस्त था. अब अगले एक-दो दिन में उत्तराखंड का मसला भी सुलझ जाएगा. इन दोनों प्रदेशों के मामले सुलझाने के बाद आलाकमान के एजेंडे पर राजस्थान ही है.
मंत्रिमंडल में 9 स्थान खाली:
गहलोत मंत्रिमंडसल में अधिकतम 30 मंत्री ही बनाए जा सकते हैं. फिलहाल, गहलोत मंत्रिमंडल में 9 स्थान खाली हैं. सरकार से जुड़े विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की मंत्रिमंडल से छुट्टी हो सकती है या फिर कई कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं. इसके साथ ही मुख्यमंत्री गहलोत मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर बेहतर परफॉर्मेंस देने वाले राज्य मंत्रियों को कैबिनेट में प्रमोट कर सकते हैं. साथ ही बेहतर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को राज्यमंत्री के तौर पर भी भारी भरकम विभाग दिए जा सकते हैं. इसके साथ ही कुछ नए मंत्री व संसदीय सचिव भी बनाए जा सकते हैं.