आज से हो जाए सचेत कल से जारी होगी नई कोरोना गाइडलाइन

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीसी के माध्यम से हुई राज्य मंत्रिपरिषद् की बैठक में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी मंत्री व विशेषज्ञों ने सख्ती और बढ़ाने के सुझाव दिए। इसके बाद सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी जो कि शुक्रवार से प्रभावी होगी। सीएम का कहना है कि विशेषज्ञ कहने लगे हैं कि ओमिक्रॉन के लक्षण दिखते ही तुरंत स्वयं को आइसोलेट कर लें एवं घर में भी मास्क का प्रयोग करें। कोविड टेस्ट अवश्य करवाएं। इससे आप जाने-अनजाने अपने परिवार एवं करीबियों को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। ओमिक्रॉन वायरस से संक्रमित होने पर हल्के लक्षण जैसे खांसी, जुकाम एवं गले में खराश ही आते हैं। कोरोना से बचने के दो ही उपाय हैं- मास्क, सोशल डिस्टैंसिंग सहित कोविड प्रोटोकॉल एवं वैक्सीन। इसलिए प्रोटोकॉल अपनाएं, वैक्सीन की दोनों डोज लगवाएं एवं अपनी जिम्मेदारी निभाएं। राजस्थान में कोरोना की नई गाइडलाइन 1- जिन विद्यालय/महाविद्यालय/विश्वविद्यालय/कोचिंग संस्थान द्वारा छात्रावास का संचालन किया जा रहा है, संस्था प्रधान/संचालक द्वारा कोविड उपयुक्त व्यवहार (डबल डोज वैक्सीनेशन, मास्क का अनिवार्य उपयोग, दो गज की दूरी, सेनेटाइजेशन, बंद स्थानों पर उचित वेन्टीलेशन इत्यादि) की अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। 2- जयपुर और जोधपुर में बढ़ते कोविड संक्रमण के मद्देनजर जयपुर नगर निगम क्षेत्र (ग्रेटर/हैरिटेज) एवं जोधपुर नगर निगम (उत्तर/दक्षिण) के समस्त सरकारी/निजी विद्यालयों में कक्षा 8 तक की नियमित शिक्षण/कोचिंग गतिविधियों का संचालन आगामी दिनांक 17 जनवरी, 2022 तक बंद रहेगा, लेकिन ऑनलाइन अध्ययन जारी रखा जाएगा। प्रदेश के अन्य जिलों के सम्बन्धित जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के सम्बन्ध में अतिरिक्त मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार से चर्चा उपरांत निर्णय ले सकेंगे। 3- नगर निगम एवं नगर पालिका क्षेत्रों के सभी राजकीय कार्यालयों, जहां कर्मचारियों की बैठक व्यवस्था में सोशल डिस्टेंसिंग संभव नहीं हो, उन कार्यालयों में 50 प्रतिशत कार्यालय उपस्थिति तथा 50 प्रतिशत घर से कार्य के सम्बन्ध में सचिवालय स्तर पर प्रशासनिक सचिव, विभाग स्तर पर विभागाध्यक्ष एवं जिला स्तर पर जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट निर्णय ले सकेंगे। आदेश इन पर लागू नहीं- जिला प्रशासन, गृह, वित्त, पुलिस, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, जेल, होमगार्ड, कन्ट्रोल रूम एवं वॉर रूम, वन एवं वन्य जीव विभाग, आयुर्वेद विभाग, पशुपालन विभाग, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, सार्वजनिक परिवहन, आपदा प्रबंधन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, नगर निगम, नगर विकास प्रन्यास, जिला परिषद, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, टेलीफोन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा विभाग। 4- समस्त सरकारी एवं निजी कार्यालयों में कोविड उपयुक्त व्यवहार (डबल डोज वैक्सीनेशन, मास्क का अनिवार्य उपयोग, दो गज की दूरी, सेेनेटाइजेशन इत्यादि) की अनुपालना सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सम्बन्धित कार्यालय अध्यक्ष की होगी। 5- कार्यालय अध्यक्ष द्वारा विशेष योग्यजन/गर्भवती महिला/55 वर्ष या उससे अधिक आयु/पुराने रोगों एवं सहरूग्णता परिस्थितियों से पीडि़त कर्मचारी/अधिकारी को कार्यालय में उपस्थित होने से छूट दी सकेगी, लेकिन उन्हें घर से काम करना आवश्यक रहेगा। 6- वे कर्मचारी/अधिकारी जो कार्यालय में नहीं आ रहे हैं एवं घर से काम कर रहे हैं, वे हर समय टेलीफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर उपलब्ध रहेंगे। 7- कार्यस्थल पर किसी भी कार्मिक के कोविड पॉजिटिव या फिर संभावित संक्रमण की स्थिति बनने पर कार्यालय अध्यक्ष द्वारा कार्यालय कक्ष को 72 घंटे के लिए बंद किया जा सकेगा एवं सम्बन्धित कार्यालय कक्ष के अन्य कर्मचारियों को घर से कार्य करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। 8- कोविड की वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर प्रशासन गांव के संग एवं प्रशासन शहरों के संग अभियान के अन्तर्गत प्रस्तावित शिविर आगामी आदेशों तक स्थगित रहेंगे। 9- संपूर्ण प्रदेश में प्रतिदिन रात्रि 11:00 बजे से प्रात: 05:00 बजे तक जन अनुशासन कफ्र्यू रहेगा। यह दिशा-निर्देश 7 जनवरी 2022 से लागू होंगे। उक्त दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किए जाने पर समस्त जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अपने स्थानीय क्षेत्राधिकार में आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 एवं राजस्थान महामारी अधिनियम, 2020 के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
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