मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक,कहा बचाओ आशियाना

अपने आशियाने को बचाने धरने पर बैठे सादुलगंजवासी बीकानेर। सादुलगंज में हाईकोर्ट के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने के लिए दिए गए नोटिस के विरोध में एक युवक मोबाइल टावर पर पर चढ़ गया और अपनी मांग मनवाने के लिये प्रशासन पर दबाव बनाने लगा। युवक ने मांग की है कि जब तक इस मामले को लेकर लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा। तब तक वो नीचे नहीं उतरेगा। घटना की जानकारी मिलने पर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी मौेके पर पहुंचे और समझाईश का प्रयास करने लगे। लेकिन युवक मानने को तैयार नहीं है। उधर सादुलगंज निवासियों ने रविवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं व पुरुष बैठे। धरने का समर्थन करते भाजपा नेता सुरेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेशों की आड़ में प्रशासन ने गरीब लोगों के घरों को उजाडऩे का जो निर्णय लिया है। वो न्याय संगत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम किसी भी सुरत में गरीब का मकान उजडऩे नहीं देंगे,किसी गरीब का मकान को तोडऩा पड़ेगा तो हमारी लाशों के उपर से गुजरना पड़ेगा। शेखावत ने कहा कि नगर विकास न्यास के अधिकारी निरंतर अदालत को गुमराह करते रहे हैं। जो भूमि न्यास की ओर से स्कीम जारी करने से पहले से आबाद है, उन्हें अब कैसे हटाया जा सकता है? इस खातेदारी जमीन का अधिकार भी न्यास के पास नहीं है। जिस जमीन का न्यास मालिक नहीं है, उस जमीन पर वो अतिक्रमण का दावे कर रहा है। शेखावत का आरोप है कि असल अतिक्रमण तो स्वयं न्यास ने किया है, जिसे छिपाने के लिए अब कच्ची बस्ती को तोड़ा जा रहा है। कच्ची बस्ती घोषित है जानकारी के अनुसार वर्ष 1971 से यह क्षेत्र कच्ची बस्ती के रूप में घोषित है। बाकायदा इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी हो चुका है। वर्ष 2013 में स्टेट ग्रांट के पट्टे जारी करने के आदेश भी हुए हैं। अब यह है मांग अब यह मांग की जा रही है कि उच्च न्यायालय के आदेश पर नए सिरे से रिव्यू पिटिशन दायर की जाए। अदालत के समक्ष सही तथ्य पेश किए जाएं। शेखावत ने तो यहां तक चेतावनी दी है कि किसी भी गरीब के घर पर जेसीबी चलाई गई तो वो अपनी जान तक दे सकते हैं।
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