मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई कर कर ली इतिश्री, शहर में बड़े स्तर चाइनीज मांझे का हो रहा व्यवसाय - Khulasa Online

मौत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई कर कर ली इतिश्री, शहर में बड़े स्तर चाइनीज मांझे का हो रहा व्यवसाय

निखिल स्वामी की रिपोर्ट बीकानेर. शहर में अगले माह आखातीज का त्योहार है। इसे शहरवासी बड़े उत्साह के साथ मनाते है। इस दिन शहर में जमकर पतंगबाजी होती है। पिछले कई वर्षो से पतंगबाजी में जमकर चाइनीज मांझे का इस्तेमाल हो रहा है। इसको लेकर चाइनीज मांझे का स्टॉक भी कर लिया गया है। करीब 20 दिन बाद आखातीत का त्यौहार है इसको लेकर शहर के कई इलाकों में अभी से ही युवा पतंगबाजी करते हुए नजर आ रहे है। ऐसे में पतंगबाजी के बाद पेड़, खंभो, दीवारों तथा बिजली के तारों और गली-मोहल्लों में चाइनीज मांझे का जाल बिछ गया है। इससे रास्तें और सड़कों पर पोल और पेड़ में उलझकर लटक रहा मांझा अब राहगीरों को घायल कर रहा है। अक्सर बाइक व साइकिल से चलने वाले इसके शिकार हो रहे है। रविवार को ही शहर में चाइनीज मांझे से एक बड़ा हादसा हो गया। जिसमें सार्दुल क्लब मैदान से हॉस्टल की तरफ चाइनीज मांझे से एक युवक की गर्दन कट गई। जिससे युवक की मौत हो गई। युवक की मौत के बाद जब प्रशासन हरकत में आया तो सोमवार को कोटगेट क्षेत्र में एसडीएम के नेतृत्व में दुकानों पर कार्रवाई की गई, लेकिन प्रशासन को इन दुकानों से चाइनीज मांझा नहीं मिला। इससे प्रशासन प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर इतिश्री कर ली है। शहर में बड़े स्तर पर चोरी-छिपे जमकर चाइनीज मांझा की बिक्री की जा रही है। शहर में कई रास्तों से चाइनीज मांझा भी लाया जा रहा है। यह चाइनीज मांझे रात को चलने वाले निजी वाहनों व बसों के माध्यम के माध्यम से शहर में लाया जाता है। जानकारों की मानें तो अब तक तो चाइनीज मांझा लगभग बिक गया और कुछ चोरी छिपे बिने वाला है। प्रशासन गुपचुप तरीके से इन दुकानों पर कार्रवाई करें और जो भी दुकानदार चाइनीज मांझे की बिक्री कर रहा है तो इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हों। साथ ही प्रशासन को एक हेल्पलाइन नंबर जारी करना चाहिए। जिसमें चाइनीज मांझे को बेचने व उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो सकें। इन जगहों पर ज्यादा खतरे की संभावना जस्सुसर गेट, चौखूंटी पुलिया, नत्थूसर गेट, नाथजी धोरों, बजरंग धोरों, बारहगुवाड़ चौक, मोहता चौक, लखोटिया चौक, बड़ा बाजार, रांगड़ी चौक, तेलीवाड़ा, लक्ष्मीनाथजी रोड़, गोपेश्वर बस्ती, धरणीधर, मुरलीधर व्यास कॉलोनी, नागणेची मंदिर सहित अन्य क्षेत्रों में इनदिनों तारों, बिजली के खंभों व पेड़ों पर चाइनीज मांझे का जाल बिछा हुआ है ऐसे में इन क्षेत्रों पर ज्यादा खतरा बना रहता है। इन क्षेत्रों में पतंग क ो लुटने के लिए भी छोटे बच्चे वाहनों की चपेट में आ जाते है और घायल हो जाते है। कई बार तो ये मौत के मुंह में भी चले जाते हैं। आए दिन पक्षी व राहगीर हो रहे घायल चाइनीज मांझे को लेकर आए दिन पक्षी व राहगीर आए दिन घायल हो रहे है। यह चाइनीज मांझे तारों व दीवारों से लटका रहता है। इनकी गिरफ्त में कई बार पक्षी आ जाते है। इससे पक्षियों की जान भी चली जाती है। मांझा पक्षियों और राहगीरों खासकर दोपहिया वाहन चालकों को घायल कर रहा है। अगर आपको भी कही पक्षी व राहगीर चाइनीज मांझे से घायल दिखें तो उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर जाएं और समय पर इलाज कराएं। हेलमेट और गमछा से बचाएं जान शहर में बिछे मांझा को लेकर नागरिक सतर्क हो जाएं। जब भी सड़क पर वाहन से निकलें तो मांझा से बचने का ध्यान रखें। खासकर बाइक और साइकिल से निकलते समय गले में गमछा जरूर लपेंटे और हेलमेट पहने रहें। इससे यातायात नियमों का पालन तो होगा मांझा में फंसने पर घायल होने की आशंका न के बराबर होगी। बीकानेर में मांझे से हुए हादसे 19 मार्च 2021 में गंगाशहर में बाइक सवार चाइनीज मांझे की चपेट में आया था। पांच साल के बच्चे कान्हा के नाक व कान के पास सात टांके लगाने पड़े। 2 अप्रैल 2020 को रानी बाजार पुलिया के पास बाइक सवार बाबूलाल चाइनीज मांझे की चपेट में आ गया। उसकी गर्दन पर भी सात टांके आए थे, गनीमत रही कि वो बच गया। 29 मार्च 2019 को पवनपुरी में तेरह साल का सौरभ घायल हो गया। उसके नाकए कान व आंख पर गंभीर घाव हुए थे। 22 अप्रैल 2017 को कोटगेट थाना क्षेत्र में 23 साल का सुरेश भी चाइनीज मांझे की चपेट में आने से घायल हुआ।
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