
आखिर कब तक… सुरक्षा मानकों की अनदेखी से युवक की मौत





आखिर कब तक… सुरक्षा मानकों की अनदेखी से युवक की मौत
बीकानेर। सुरक्षा मानकों की अनदेखी से एक युवक की मौत हो गई। कई बड़े-बड़े प्रोजेक्ट में ठेकेदारों की ये लापरवाही कई बार सामने आ चुकी है। जिसका खामियाजा मजदूर वर्ग को भुगतना पड़ता है। कई बार बिना सुरक्षा मानकों की वजह से सीवरेज सफाई के दौरान भी इस तरह के हादसे हो चुके है। इसको लेकर प्रशासन भी मौन ही नजर आता है। कभी भी इस तरह के बड़े प्रोजेक्ट्स पर कार्रवाही ही नहीं की गई। अब सुरक्षा मानकों की अनदेखी से एक और हादसा हो गया। बीकानेर के बरजू गांव में निर्माणाधीन पावर ग्रिड सब स्टेशन के प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का खामियाजा आखिर गुरुवार को सामने आ ही गया। केलां गांव के एक युवक की काम करते हुए यहां मौत हो गई। मौत के बाद उसकी कीमत भी तय हो गई। बताया गया कि निर्माण कार्य के दौरान जेसीबी मशीन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक केला गांव का 22 वर्षीय सुभान खान है। पावर ग्रिड सब स्टेशन के पास गुरुवार की शाम करीब 6 बजे मजदूर सुभान बैठा था। उसी दौरान जेसीबी मशीन का पंजा उससे टकराया। मजदूर लहूलुहान हो गया। उसे पीबीएम हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर लेकर आए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे
शुक्रवार को सुबह घटना का पता लगने पर लाखूसर, बरजू सहित आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में ग्रिड सब स्टेशन पहुंचे। मजदूर की मौत पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। मजदूर बिना हेलमेट, दस्ताने और जूते काम करते देखे गए। मौके पर कोई अधिकारी नहीं था। धरने पर बैठे जेठाराम आदि गांव वालों के बीच मृतक के परिजनों को 40 लाख रुपए देने का समझौता हुआ। जिसमें से 20 लाख रुपए ग्रुप इंश्योरेंस के हैं। छतरगढ़ थाना प्रभारी भजनलाल ने बताया कि मृतक के चाचा की रिपोर्ट पर घटना का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतक के समझौते में जो 40 लाख की राशि तय हुई उसमें ईएसआई से मिलने वाली राशि का भी जिक्र है। मगर मृतक के चाचा जाकिर हुसैन का कहना है कि वो तो दिहाड़ी का मजदूर था। ना ही ईएसआई और ना ही पीएफ कटता था।

