
एक दिन के नवजात शिशु की एसोफेजियल एट्रेसिया का सफल ऑपरेशन कर बचाई जान




एक दिन के नवजात शिशु की एसोफेजियल एट्रेसिया का सफल ऑपरेशन कर बचाई जान
बीकानेर। शहर में गंगाशहर रोड पर स्थित डॉ. एल. सी. बैद चिल्ड्रन अस्पताल में एक दिन के नवजात शिशु का दुर्लभ एवं जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। बच्चा जन्म के बाद अत्यधिक लार टपकने और सांस लेने में कठिनाई की समस्या से पीडि़त था।जांच में पता चला कि बच्चा एसोफेजियल एट्रेसिया नामक जन्मजात बीमारी से ग्रस्त था। यह एक दुर्लभ स्थिति है जिसमें भोजन नली (एसोफेगस) पूरी तरह विकसित नहीं होती और मुंह से पेट तक जुड़ी नहीं होती, एवं सांस की नली से असामान्य जुड़ी होती है। दूध पेट में नहीं पहुंच पाता, इस बीमारी का इलाज बिना ऑपरेशन संभव नहीं था। अस्पताल के बच्चों के सर्जन डॉ तुषार आहूजा एवं अस्पताल की ओटी और एनआईसीयू टीम ने बच्चे का सफल ऑपरेशन कर भोजन नली को जोड़ा व गंभीर समस्या को ठीक किया। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है, दूध पी रहा है और उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। परिजन बच्चे के ठीक होने पर बहुत खुश हैं।बीकानेर संभाग में डॉ. एल. सी. बैद चिल्ड्रन अस्पताल एकमात्र निजी शिशु अस्पताल है जहां नवजात शिशुओं की हर प्रकार की जटिल बीमारियों का 24 घंटे इलाज एवं ऑपरेशन की उन्नत सुविधा उपलब्ध है।
यह ऑपरेशन डॉ एल सी बैद के मार्गदर्शन में, डॉ धनपत डागा (एनेस्थीसिया)के सहयोग से डॉ तुषार आहूजा (बच्चों के सर्जन) ने किया है। इस ऑपरेशन में ओटी एसिस्टेंट मेघराज, एनआईसीयू स्टाफ प्रवीण, नवीन, मुकेश, राहुल, मनमोहन, श्याम एवं अंकित, हरीश, कुलदीप, आरती, भंवरा व सभी ओटी और एनआईसीयू व मेडिकल स्टाफ का सहयोग रहा।




