
बीकानेर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत समन्वय समिति का गठन, पूर्व मंत्रियों और विधायक सहित इनको किया शामिल




बीकानेर में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत समन्वय समिति का गठन, पूर्व मंत्रियों और विधायक सहित इनको किया शामिल
बीकानेर। बीकानेर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार बीकानेर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा राष्ट्रव्यापी अभियान ‘‘मनरेगा बचाओ संग्राम’’ के तहत मनरेगा योजना को पूर्व की भांति यथावत रखने एवं जिले भर में होने वाले आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए एक समन्वय समिति का गठन किया गया है।
कांग्रेस की समन्वय समिति के सदस्य
- बिशनाराम सियाग-(जिलाध्यक्ष)
- सुशीला डूडी-विधायक नोखा
- गोविन्दराम मेघवाल-पूर्व केबिनेट मंत्री
- भंवरसिंह भाटी-पूर्व मंत्री
- लक्ष्मण कड़वासरा-अध्यक्ष भूदान बोर्ड
- मंगलाराम गोदारा-पूर्व विधायक, श्रीडूंगरगढ़
- डॉ. राजेन्द्र मूण्ड- वि.स. प्रत्याशी लूणकरनसर
- मोडाराम मेघवाल-जिला प्रमुख, बीकानेर
- सुशीला सींवर-पूर्व जिला प्रमुख, बीकानेर
- मेघाराम महिया-पूर्व जिला प्रमुख, बीकानेर
- हनुमान चौधरी-वि.आ.उपाध्यक्ष, डीसीसी
- जगदीश बिश्नोई-उपाध्यक्ष, डीसीसी
- मोहनदान चारण-जिला परिषद सदस्य
- गिरधारी प्रजापत-वि.आ. उपाध्यक्ष, डीसीसी
- रामनिवास तर्ड-ब्लॉक अध्यक्ष एवं जि.प.स.प्र
- रेखाराम मेघवाल-उपाध्यक्ष, डीसीसी
- केदारमल महाराज-महासचिव, डीसीसी
- ओमप्रकाश मेघवाल-महासचिव, डीसीसी
- रूपाराम मेघवाल-पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष
- डॉ. प्रीति मेघवाल-सचिव, डीसीसी
- महिपाल सारस्वत-सचिव, डीसीसी
- पन्नालाल नायक-सचिव, डीसीसी
- ख्यालीराम सुथार-सचिव, डीसीसी
अग्रिम संगठनों के अध्यक्ष - हरिराम बाना-पीसीसी सदस्य एवं जिलाध्यक्ष रा.गा.पं.रा.संगठन
- रामनिवास गोदारा-जिलाध्यक्ष, सेवादल
- भंवर कूकणा-जिलाध्यक्ष, यूथ कांग्रेस
- शान्ति बेनिवाल-जिलाध्यक्ष, महिला कांग्रेस
- श्रीकृष्ण गोदारा-जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई
- सत्तू खां पड़िहार- जिलाध्यक्ष, अ.सं. विभाग
जिला महासचिव (संगठन) प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि ‘‘मनरेगा बचाओ संग्राम’’ अभियान का मुख्य उद्देश्य काम के अधिकार की रक्षा, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करना तथा मनरेगा से संबंधित नए कानून के विरोध में जन-आंदोलन को मजबूती प्रदान करना है। कांग्रेस का मानना है कि मनरेगा योजना ग्रामीण मजदूरों और किसानों की आजीविका का मजबूत आधार है, जिसे कमजोर करने के किसी भी प्रयास का पुरजोर विरोध किया जाएगा।
समन्वय समिति के प्रमुख कार्यों में जिले में मनरेगा योजना के संचालन की निगरानी एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करना, आंदोलन को व्यापक जन-आंदोलन का स्वरूप देना जिसमें मजदूरों, किसानों एवं समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो, तथा नए कानून के विरोध में सशक्त आवाज उठाना शामिल है।
यह आंदोलन 45 दिनों का अभियान होगा, जो 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलेगा। अभियान के अंतर्गत जिले भर में प्रदर्शन, रैलियां तथा ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी का लक्ष्य इस जनहित के मुद्दे को सड़कों से लेकर शीर्ष स्तर तक मजबूती से उठाना है।



