
जाने-अनजाने लोगों के अंतिम संस्कार करने वाले जितेन्द्र को जैन गौरव अलंकरण अवार्ड





खुलासा न्यूज,बीकानेर। वर्तमान में सम्पूर्ण विश्व कोरोना महामारी से जुंझ रहा हैं। इस महामारी ने अत्यंत घातक एवं विकराल रूप ले लिया हैं। इस महामारी की भयावहता का अंदाजा इसी तरह लगाया जा सकता हैं कि इस बीमारी में जहां गैर तो क्या अपने भी अपना साथ छोड़ देते हैं,हर कोई दूर बेबस सा खड़ा नजर आता हैं,चाहते हुए भी कोई कुछ नहीं कर पाता। इस महामारी ने ना जाने कितने लोगों को काल का ग्रास बना दिया,अपने ही लोग अन्तिमयात्रा और अन्तिमक्रिया से कतराने लगे ऐसे में जैन समाज के गौरव के रूप में जितेन्द्र सुराणा ने जो कार्य किया हैं वो मानवता की सेवा का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। कोरोनाकाल में 150 से अधिक लोगों के अंतिम संस्कार की क्रिया में अग्रणी रूप से भूमिका निभा कर मानवता को गौरवान्वित किया हैं। भगवान महावीर के अमर संदेश “जे गिल्लाणं पडीहरई से मम पडीहरई’ यानि जो दु:खी एवं जरुरतमंद लोंगो की सेवा करता हैं वो मेरी सेवा करता हैं, को दिल में बसा लिया। किसी भी धर्म,जाति, वर्ण से ऊपर उठकर हमेशा मानवता को सर्वोपरि रखा हैं। व्यवसायिक रूप से व्यस्त रहते हुए भी सुराणा के पास किसी का एक फोन भी आ जाता तो तुरंत अपने सभी कार्यो को विराम देकर मानव धर्म को निभाने शान्तिधाम पहुंच जाते हैं। सामाजिक कार्यो में सदा अग्रणी जैन यूथ क्लब द्वारा जितेन्द्र सुराणा की सेवा भावना से प्रभावित होकर इस कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और गंगाशहर के डागा गेस्ट हाउस में आपको जैन युवा गौरव के अलंकरण से अलंकृत किया गया। समारोह में सर्वप्रथम क्लब के सदस्य नवरत्न कोचर ने नवकार मंत्र के पांच पदों को वंदना करते हुए मंगलाचरण प्रस्तुत किया। संस्था अध्यक्ष सत्येंद्र बैद ने स्वागत उदबोधन प्रस्तुत किया। संस्था संरक्षक हँसराज डागा ने सुराणा के सेवा कार्यो की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए समाज के अन्य युवाओं को आगे आने का संदेश दिया। संस्था के अग्रणी सदस्य विशाल गोलछा ने जैन युथ क्लब द्वारा कोरोना काल में संस्था द्वारा किये गए सेवा कार्यो को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में मधुर भजन गायक महेन्द्र कोचर द्वारा रचित गीत जिनशासन पर उंगली जो उठाये उनको सबक सिखाये उन्ही के मधुर स्वरों से गुंजायमान हुआ। उक्त गीत का ऑडियो लांच संस्था संरक्षकों द्वारा किया गया। इस अवसर पर अमित कोचर,श्रीमत्ती संगीताजी सुराणा,सुनिता सुराणा द्वारा जितेन्द्र सुराणा के कार्यो पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। संस्था संरक्षक जयचंदलाल डागा ने सुराणा को जैन रत्न से उपमित किया। जैन महासभा के मंत्री सुरेन्द्र बादानी ने सुराणा को सम्पूर्ण जैन समाज की और से शुभकामना प्रेषित की तथा जैन महासभा के कार्यो को सभा में रखा। संस्था के पूर्व सचिव शांतिविजय सिपाणी ने सुराणा को दिए जाने वाले अभिनंदन पत्र का वांचन किया। जितेंद्र सुराणा का माल्यार्पण संस्था के सुरेन्द्र कोचर अभिषेक कोचर,मनीष भण्डावत,पंकज सिंगी,मयंक बांठिया,मनोज खजांची ने किया। संस्था की और से अतिथिगणों द्वारा श्री सुराणा को साफा,शॉल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस अवसर पर जितेन्द्र सुराणा के पिताजी जेठमल सुराणा,माताजी श्रीमत्ती कांता देवी सुराणा,धर्मपत्नी श्रीमत्ती विनीता देवी सुराणा का भी स्वागत किया गया।आभार ज्ञापन संस्था के सचिव विनीत बांठिया ने किया। संचालन संस्था के उपाध्यक्ष हेमन्त कुमार सिंगी ने किया।

