
आईएएस सुराणा ने बताये प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के टिप्स




बेसिक पी.जी. कॉलेज में विद्यार्थियों का”प्रशासनिक सेवा हेतुÓÓ कैरियर मार्गदर्शन
बीकानेर। बेसिक पी.जी. महाविद्यालय में ”प्रशासनिक सेवा हेतुÓÓ कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता आईएएस अभिषेक सुराणा रहे। महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामजी व्यास एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुरेश पुरोहित भी उपस्थित रहे। प्रारम्भ में महाविद्यालय व्याख्याता लियाकत अली खान ने मुख्य वक्ता के रूप में पधारे हुए अतिथि के समक्ष स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए महाविद्यालय परिचय के साथ-साथ कैरियर मार्गदर्शन के बारे में छात्र-छात्राओं को अवगत करवाया। इस अवसर पर महाविद्यालय प्राचार्य ने बताया कि राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले आईएएस अभिषेक सुराणा ने यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की है। सुराणा ने पहले आईआईटी से ग्रेजुएशन की और फिर वे विदेश चले गए लेकिन स्वदेश प्रेम के कारण वहां से वापिस लौटे और देश सेवा के उद्देश्य से आईएएस बने।आईएएस अभिषेक सुराणा ने बताया कि किस प्रकार उन्होंने विद्यार्थी जीवन से लेकर आईएएस बनने तक का सफ र तय किया है। उन्होंने विद्यार्थियों को आरएएस और आईएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में न केवल पूर्ण जानकारी दी बल्कि इन प्रतियोगी परीक्षाओं में किस प्रकार सफल हो सकते हैं इसके बारे में भी टिप्स बताये। उन्होंने अपने जीवन के विभिन्न संस्मरणों के बारे में बताते हुए अपने अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा किया। सुराणा ने कैरियर मार्गदर्शन के सम्बन्ध में विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये विभिन्न प्रश्नों का न केवल सहजता के साथ जवाब दिया बल्कि विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढऩे के लिए बड़े सपने देखने और उनको सच करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। इस अवसर पर रामजी व्यास ने बताया कि विद्यार्थियों को सेवा उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए आगे बढऩा चाहिए और अपने जीवन में कैरियर हेतु बड़े उद्देश्य निर्धारित करने चाहिए। व्यास ने सभी छात्रों से आह्वान किया कि वे भी आगे चलकर अपने जीवन में प्रशासनिक पदों की सेवा हेतु प्रयासरत हों और उन्होंने छात्रों को यह भी विश्वास दिलाया कि यदि वे अपने जीवन में मेहनत साथ आगे बढ़ते हैं तो वे निश्चय ही भविष्य में बड़े पदों आसीन हो सकते हैं। अन्त में मुख्य वक्ता आईएएस अभिषेक सुराणा का आभार प्रकट करते हुए शॉल एवं प्रतीक चिह्न देकर अभिनन्दन किया गया। संचालन अश्लेषा जोशी एवं विजयगोपाल व्यास ने किया। इस दौरान महाविद्यालय व्याख्याता श्री वासुदेव पंवार, डॉ. मुकेश ओझा, डॉ. कमलकान्त शर्मा, डॉ. टीना असवानी,विजय रंगा आदि उपस्थित रहे।



