
बीकानेर- आरटीआई एक्टिविस्ट दीक्षित ने किया एक और बड़ा खुलासा






– पीबीएम अस्पताल में कब सुधरेंगे हालात
– जिम्मेदार क्यों नहीं करते कार्यवाही
– कभी भी औषधि केन्द्र हो जाता है बंद
खुलासा न्यूज़, बीकानेर। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल पीबीएम में ठेकेदार की मनमानी के चलते मरीजों को दवाईयों नहीं मिल पा रही है। जन औषधि के ठेकेदार अपनी मनमर्जी से केन्द्र को चलाता है। कभी भी केन्द्र को बंद कर देता है और कभी भी शुरू कर देता है। हालांकि सरकार का चौबीस घंटे खुला रखने का नियम बना रखा है।
दीक्षित ने किया खुलासा
भारतीय जन औषधि केन्द्र का खुलना का कोई भी समय नहीं है। ठेकेदार अपनी मनमर्जी से केन्द्र को चलता है। सुबह 9 बजे यह केन्द्र खुलता है और दुपहर 2 बजे बंद कर देता है। ऐसे में ठेकेदार की मनमर्जी मरीजों पर भारी पड़ रही है । दीक्षित का कहना है कि सरकार का चौबीस घंटे भारतीय जन औषधि केन्द्र का खुला रखने का नियम बना रखा है। उन्होंने बताया कि राजस्थान में दो तरह की दवा संबंधित योजना है, एक नि:शुल्क दवा योजना और दूसरी भारतीय जन औषधि परियोजना। इस दोनों योजना में यह अंतर है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लागू की गई नि:शुल्क योजना यहां पीबीएम में 24 घंटे मिल रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लागू की गई भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत कम दर में दवा नहीं मिल पा रही है। इसका मुख्यत यह कारण है कि ठेकेदार की मनमर्जी। मनमर्जी के चलते मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।


