
‘भारत के साथ अच्छी डील होगी..’ : ट्रंप ने दावोस में पीएम मोदी को बताया शानदार नेता, व्यापार समझौते पर कही यह बात




‘भारत के साथ अच्छी डील होगी..’ : ट्रंप ने दावोस में पीएम मोदी को बताया शानदार नेता, व्यापार समझौते पर कही यह बात
दावोस। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर बोलते हुए भारत के साथ एक मजबूत व्यापार समझौता को लेकर भरोसा जताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें शानदार नेता बताया। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोका। यह बयान उन्होंने विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में अपने विशेष संबोधन के दौरान दिया। यह पहली बार नहीं जब ट्रंप क ओर से यह दावा किया गया है। इससे पहले भी वह कई बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह दावा करते रहे हैं।
संबोधन के बात बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है। वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं। हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है। वहीं ट्रंप ने अपने इस दावे को फिर दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध के बीच युद्ध को रोका, जैसा कि उन्होंने कई अन्य युद्धों के साथ किया था। इससे पहले, पिछले साल 10 मई से लेकर अब तक कम से कम 80 से अधिक बार भारत और पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को दिया है। सबसे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद दोनों पड़ोसी देशों ने पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। हालांकि, भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इन्कार किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मेरे राष्ट्रपति शी और राष्ट्रपति पुतिन के साथ हमेशा बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। चीन के राष्ट्रपति शी एक शानदार इंसान हैं। उन्होंने जो किया है, वह कमाल का है। हर कोई उनका बहुत सम्मान करता है। कोविड की वजह से इसमें बहुत अधिक रुकावट आई। मैं इसे चीन वायरस कहता था, लेकिन उन्होंने कहा, क्या आपको लगता है कि आप कोई दूसरा नाम इस्तेमाल कर सकते हैं और मैंने ऐसा करने का फैसला किया क्योंकि इस बात पर हमें कोई दिक्कत क्यों होनी चाहिए?
ट्रंप के निशाने पर यूरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं अब एक साल से इस युद्ध (रूस-यूक्रेन) पर काम कर रहा हूं, इस दौरान मैंने आठ और युद्ध सुलझाए, जिसमें भारत-पाकिस्तान भी शामिल है। व्लादिमीर पुतिन ने मुझे फोन किया..उन्होंने कहा, मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि आपने आर्मेनिया-अजरबैजान के संघर्ष को सुलझा दिया। वे 35 वर्षों से भिड़ रहे थे। मैंने एक दिन में सुलझा दिया… इस सारे काम से यूनाइटेड स्टेट्स को क्या मिला? यह सारा पैसा, मौत, तबाही और भारी मात्रा में कैश उन लोगों के पास जा रहा है जो हमारे काम की कद्र नहीं करते। वे हमारे काम की कद्र नहीं करते। मैं नाटो की बात कर रहा हूं, मैं यूरोप की बात कर रहा हूं… जब तक मैं नहीं आया था, नाटो को सिर्फ जीडीपी का दो फीसदी देना होता था। लेकिन वे नहीं दे रहे थे। अधिकतर देश कुछ भी नहीं दे रहे थे। यूनाइटेड स्टेट्स लगभग सौ फीसदी नाटो का खर्च उठा रहा था और मैंने इसे रुकवा दिया। मैंने नाटो से पांच फीसदी दिया और अब वे दे रहे हैं।
वैश्विक सुरक्षा के लिए अमेरिका के पास ग्रीनलैंड का होना जरूरी: डोनाल्ड ट्रंप
दावोस में ट्रंप ने कहा, “ग्रीनलैंड एक विशाल, लगभग पूरी तरह से निर्जन और अविकसित क्षेत्र है, जो अमेरिका, रूस और चीन के बीच एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान पर असुरक्षित रूप से स्थित है।” उनका कहना है कि दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के बढ़ते महत्व के साथ ही इसका महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा, “हमें इसकी जरूरत इस वजह से नहीं है, हमें इसकी जरूरत रणनीतिक राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए है।” उन्होंने आगे दावा किया कि यह उत्तरी अमेरिका का हिस्सा है और इसलिए हमारा क्षेत्र है। इसलिए यह अमेरिका का एक प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा हित है।
ट्रंप बोले- हम बस एक बर्फीला हिस्सा चाहते हैं, यूरोप देने को तैयार नहीं
ट्रंप ने कहा कि अगर यूरोप ग्रीनलैंड को लेकर उनकी बात नहीं मानता तो अमेरिका इसे याद रखेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया की सुरक्षा के लिए सिर्फ एक बर्फीला इलाका चाहता है, लेकिन यूरोप उसे देने को तैयार नहीं है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ने कभी और कुछ नहीं मांगा और वह पहले ग्रीनलैंड अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
उन्होंने कहा कि अब यूरोप के सामने दो रास्ते हैं। अगर यूरोप ‘हां’ कहता है तो अमेरिका इसका शुक्रगुजार होगा, और अगर ‘न’ कहता है तो अमेरिका इसे याद रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक मजबूत और सुरक्षित अमेरिका का मतलब एक मजबूत नाटो है और इसी वजह से वह हर दिन अमेरिका की सेना को और ताकतवर बनाने के लिए काम कर रहे हैं



