
मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले तस्कर की कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज




मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले तस्कर की कोर्ट ने जमानत अर्जी की खारिज
बीकानेर। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मादक पदार्थ मामले में कोर्ट ने आरोपी कैलाश को जमानत देने से इनकार कर दिया है। जिला न्यायाधीश धनपत माली ने 195 किलो डोडा पोस्त बरामदगी से जुड़े मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मामले के अनुसार, 20 मार्च 2021 को नाल थाना पुलिस ने जैसलमेर-गंगानगर बाइपास पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक-ट्रेलर से 195 किलो अवैध डोडा पोस्त बरामद किया था। ट्रक में सवार दो आरोपियों में से गुरुसेवक सिंह को मौके से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी।
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी कैलाश पर जब्त डोडा पोस्त की सप्लाई और तस्करी का आरोप है। बाद में उसे 14 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल वह न्यायिक अभिरक्षा में है और उसके खिलाफ जांच जारी है। लेकिन आरोपी पक्ष ने कोर्ट में कहा कि कैलाश निर्दोष है, उससे कोई बरामदगी नहीं हुई और उसका नाम केवल सह-आरोपियों के बयान के आधार पर जोड़ा गया है। साथ ही बताया गया कि अन्य सह-आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि यह मामला वाणिज्यिक मात्रा से जुड़ा है और आरोपी पर डोडा पोस्त की सप्लाई व तस्करी का गंभीर आरोप है। ऐसे मामलों में जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
कोर्ट का आदेश
कोर्ट ने कहा कि मामला वाणिज्यिक मात्रा का है और आरोपी पर हृष्ठक्कस् के तहत गंभीर आरोप हैं। जांच अभी लंबित है और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं है।इसलिए कोर्ट ने कैलाश की जमानत याचिका खारिज कर दी। राज्य की ओर से पैरवी पीपी हरीश कुमार भट्टड़ ने की।



