
ऊंट उत्सव:दूसरे दिन योग साधकों ने किया योग घने कोहरे और ठंड के बावजूद डटे रहे योग साधक




ऊंट उत्सव:दूसरे दिन योग साधकों ने किया योग घने कोहरे और ठंड के बावजूद डटे रहे योग साधक
बीकानेर। अंतर्राष्ट्रीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन शनिवार के कार्यक्रमों की शुरुआत करें योग, रहे निरोग कार्यक्रम के साथ हुई।
संसोलाव तालाब के पास स्थित पीपल पार्क में घने कोहरे और ठंड के बावजूद सैकड़ो योग साधकों ने योग क्रियाएं की तथा बीकानेर की संस्कृति, सभ्यता और यहां की परंपराओं को समृद्ध करने का संदेश दिया।
जिला प्रशासन तथा पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय ऊंट उत्सव के दूसरे दिन पहली बार यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें प्रवीर योगासन स्पोट्र्स अकैडमी, महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के योग विभाग, एलएम स्पोट्र्स अकैडमी, एमएम ग्राउंड क्रिकेट अकादमी तथा कपिल क्रीड़ाश्रम के प्रतिनिधियों तथा शारीरिक शिक्षकों सहित स्थानीय योग साधकों ने भाग लिया।
योग प्रशिक्षण भुवनेश पुरोहित के नेतृत्व में यशोवर्धिनी आचार्य, स्नेहा व्यास, सपना बेरवाल और प्रियंका रघुवंशी ने प्रोटोकॉल के अनुसार प्रशिक्षण दिया तथा योग से जुड़ी जानकारी दी।
पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक महेश व्यास ने कहा कि नियमित योग और प्राणायाम के माध्यम से शरीर और मन स्वस्थ रहता है। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार महोत्सव में कई नवाचार किए जा रहे हैं।
सहायक पर्यटन अधिकारी नेहा शेखावत, जिला खेल अधिकारी सुरेंद्र हर्ष, रामेंद्र हर्ष, रामकुमार पुरोहित, शिवाजी छंगाणी, मदन मोहन छंगाणी सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति अत्यंत समृद्ध– केन्द्रीय मंत्री मेघवाल
केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि राजस्थानी भाषा, साहित्य और संस्कृति अत्यंत समृद्ध है। मायड़ भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए। मेघवाल शुक्रवार को राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की मुखपत्रिका जागती जोत के सद्य प्रकाशित अंकों का बीकानेर ट्रेड फेयर एक्सपो परिसर में अवलोकन कर रहे थे। इन अंकों में दो विशेषांक राजस्थानी गद्य साहित्य री समालोचना व डॉ. नृसिंह राजपुरोहित विशेषांक शामिल हैं।
केन्द्रीय मंत्री श्री मेघवाल ने कहा कि राजस्थानी में उत्कृष्ट साहित्य सृजन हुआ है। अकादमी सचिव शरद केवलिया ने अकादमी गतिविधियों की जानकारी दी। जागती जोत संपादक मधु आचार्य आशावादी ने जागती जोत के प्रकाशित होने वाले आगामी अंकों के बारे में बताया।इस अवसर पर जुगल राठी, डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, यशपाल आहूजा, वेदप्रकाश अग्रवाल, अशोक प्रजापत, कमल रंगा, जनक हर्ष उपस्थित थे।




