
सोलर प्लांट लगाने के लिए फिर खेजड़ी पर चलाई आरी




सोलर प्लांट लगाने के लिए फिर खेजड़ी पर चलाई आरी
बीकानेर रामसर गांव में सोलर प्लांट लगाने के लिए एक बार फिर खेजड़ी पर आरी चलाई गई है। देर रात 111 पेड़ काट दिए गए। इनमें दस पेड़ शीशम के भी शामिल हैं। इससे पूर्व दिसंबर में इसी जमीन पर दो बार पेड़ काटे जा चुके हैं। जिला मुख्यालय से करीब 25-30 किलोमीटर दूर रामसर गांव में सोलर प्लांट लगाने के लिए खेतों को साफ किया जा रहा है। उन खेतों में खेजड़ी के सैकड़ों पेड़ खड़े हैं। आठ दिसंबर की रात 44 और 29 दिसंबर की रात 11 पेड़ काटे गए थे। उसी स्थान पर गुरुवार रात भर पेड़ों पर आरी चलती रही। सुबह ग्रामीण खेतों में पहुंचे तो उन्हें पता चला। सूचना मिलने पर हलका पटवारी आशीष कस्वां और वन रक्षक मालम सिंह व सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे तथा मौके की फर्द रिपोर्ट तैयार की।
भंवर पुत्र बिरमाराम के खेत में फिर खेजड़ी कटी है। पिछली बार भंवरलाल के खेत में खेजड़ी कटने पर काफी विवाद हुआ था। भंवरलाल ने लीज एग्रीमेंट निरस्त करने तक की बात कही थी। इसी प्रकार लीला पत्नी सुरेंद्र और बेबीदेवी पत्नी राजेंद्र के खेतों में पेड़ काटे गए हैं। दरअसल रामसर में सोलर प्लांट लगाने के लिए एक कंपनी ने करीब तीन सौ बीघा जमीन लीज पर ली है, लेकिन लीज एग्रीमेंट जमाबंदी में दर्ज नहीं होने के कारण पटवारी की मौका रिपोर्ट में कंपनी का नाम नहीं आ रहा है। ऐसे में पेड़ काटने का जुर्माना काश्तकार को भरना होगा।
सोलर प्लांट के लिए लगातार कट रहे खेजड़ी के पेड़, कोई रोकने वाला नहीं
सोलर प्लांट लगाने के लिए खेजड़ी के पेड़ों की बलि लगातार दी जा रही है और कोई रोकने वाला नहीं है। टेनेंसी एक्ट में केवल सौ रुपए प्रति पेड़ जुर्माने का प्रावधान होने के कारण किसान और सोलर कंपनियों के हौसले बुलंद हैं। कालासर गांव में एनटीपीसी के प्लांट पर खेजड़ी के 386 पेड़ काटने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि रामसर में फिर पेड़ काट दिए गए। पटवारी और वन विभाग फर्द रिपोर्ट पेश कर मात्र खानापूर्ति कर रहे हैं।
जमाबंदी में लीज दर्ज कराने से इसलिए बच रही सोलर कंपनियां : सोलर प्लांट लगाने के लिए जमीनों को लीज पर देने का काम अब भी जारी है, लेकिन खेजड़ी काटने को लेकर बिश्नोई समाज सहित पर्यावरण प्रेमियों की नाराजगी से बचने के लिए लीज एग्रीमेंट को जमाबंदी में दर्ज नहीं कराया जा रहा है। कंपनियां ऐसा करती हैं तो उनके नाम सार्वजनिक हो जाता है। रामसर में सोलर प्लांट लगाने के लिए एक लोकल कंपनी ने 300 बीघा से अधिक जमीन ली पर ली है, लेकिन लीज एग्रीमेंट को जमाबंदी में दर्ज नहीं कराया गया है।




