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बीकानेर: फिर काटे गए सैकड़ों खेजड़ी के पेड़, ग्रामीणों ने लगाया एनटीपीसी पर धमकी देने का आरोप

बीकानेर: फिर काटे गए सैकड़ों खेजड़ी के पेड़, ग्रामीणों ने लगाया एनटीपीसी पर धमकी देने का आरोप

बीकानेर। सौर ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर पेड़ों की कटाई का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा। अब खुद भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अधीन नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (NTPC) पर खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई के गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि एनटीपीसी की ओर से कालासर गांव में 300 से अधिक खेजड़ी के पेड़ काट दिए गए, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

सूत्रों के अनुसार कंपनी इस क्षेत्र में 1150 मेगावाट का सोलर प्लांट स्थापित कर रही है। इसके लिए विभिन्न निजी कंपनियों को अलग-अलग कार्यों के ठेके भी दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जब वे पेड़ों को काटने का विरोध करने पहुंचे, तो कंपनी से जुड़े पदाधिकारियों ने उन्हें धमकाकर हटने के लिए कहा।

पांच महीने में दूसरी बार बड़े पैमाने पर कटाई

कालासर में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 2024 में एनटीपीसी के प्लॉट पर एक ही रात में 372 खेजड़ी के पेड़ काटे गए थे। उस समय भी मामले को सिर्फ जुर्माना नोटिस देकर शांत कर दिया गया था। अब पांच महीने में दूसरी बार इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण संरक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों में नाराजगी

ग्रामीणों ने बताया कि खेजड़ी के पेड़ उनकी जीवनरेखा हैं — पशुओं के लिए चारा, मिट्टी संरक्षण और स्थानीय जलवायु संतुलन में इनका महत्वपूर्ण योगदान है। उनका कहना है कि सरकार एक ओर पर्यावरण बचाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कंपनी खुद पेड़ों को खत्म कर रही है। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर खेजड़ी की कटाई पर रोक लगाने तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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