
एक तरफ अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव: दूसरी तरफ बदहाली के आंसू बहाती हैरिटेज सडक़े




एक तरफ अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव: दूसरी तरफ बदहाली के आंसू बहाती हैरिटेज सडक़े
बीकानेर। बीकानेर में 14 जनवरी से अंतराष्ट्रीय ऊंट उत्सव शुरु होने वाला है लेकिन प्रशासन के सभी दावे फेल साबित हो रहे है। जहां कार्यक्रम आयोजित होगा वहां की सडक़े टूटी फुटी पड़ी है। जगह जगह गंदा पानी सडक़ों पर बिखरे पड़ा है। वहीं ऊंट उत्सव से पहले पीले चावल लक्ष्मीनाथ मंदिर में हुए लेकिन उस समय भी स्थिति बड़ी खराब थी मंदिर के मुख्य द्वार के आगे गायों व अतिक्रमणों से पूरा रास्ता अवरुद्ध हो रखा है। मजे की बात तो यह है मंदिर के आगे अस्थाई पार्किग बन गई है जिससे दोनों तरफ तिपाहिया वाहन व फोरव्हीलर व सब्जी के गाड़े लगे हुए जिससे आने जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसको लेकर कई बार शिकायते भी हो चुकी है लेकिन इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। 9 जनवरी को मंदिर से लेकर रामपुरिया हवेली तक हैरिटेज वॉक होगी। जहां से ये वॉक होगी वो सारा रास्ता बुरी तरह से खबरा है सडक़े टूटी हुई पड़ी गंदगी सडक़ पर फैली हुई। बिजली की पूरी व्यवस्था नहीं है रात को अंधेरा छा जाता है। जबकि प्रशासन बड़े बड़े दावे कर रहा है हैरिटेज वाले सभी रास्तों को दुरस्त कर दिया है लेकिन हकीकत कुछ ओर दिख रहा है। हर बार प्रशासन दावे करता है लेकिन हर बार तरह इस बार ढाक के तीन पात कहावत सामने दिख रही है।




